एमबीए करवाने के नाम कंप्यूटर सेंटर संचालक ने विद्यार्थी को ठगा
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। पुरानी कचहरी मोड के पास कई वर्षों से चल रहे एक कंप्यूटर एजूकेशन सेंटर संचालक ने कई विद्यार्थियों से निजी और सरकारी यूनिवर्सिटियों का दूरस्थ शिक्षा का स्टडी सेंटर बताकर धोखाधड़ी कर दी। सभी विद्यार्थियों एमबीए और कोर्सेज करवाने की बात कही गई थी। शहर की महात्मा रामकरण दास कालोनी के एक छात्र के परिजनों ने शहर थाना पुलिस में शिकायत देकर सेंटर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित छात्र मोहित के पिता सुरेशचंद ने पुलिस से की शिकायत में बताया कि आरोपी सेंटर संचालक ने कई विद्यार्थियों से जयपुर की एक निजी यूनिवर्सिटी से विभिन्न कोर्सेज करवाने के नाम पर भारी भरकम राशि ली थी। आरोप है कि इसके बाद सेंटर संचालक ने उस फीस को यूनिवर्सिटी में जमा नहीं कराया। इसके बाद भी सेंटर संचालक ने विद्यार्थियों को पेपर तक दिलवा दिए। पीड़ित ने बताया कि उसके पुत्र मोहित ने गत वर्ष पुरानी कचहरी मोड़ पर स्थित एक कंप्यूटर सेंटर पर जाकर उसके संचालक से एमबीए के बारे जानकारी ली थी। इस पर कंप्यूटर संचालक ने उसे गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से एमबीए करवाने की बात कही। इसके बाद छात्र मोहित ने कंप्यूटर संचालक को जीजेयू से एमबीए करवाने के लिए 28 फरवरी 2016 को 10750 रुपये नकद दिए थे। इस राशि के एवज में संचालक ने उससे बाकायदा अपने सेंटर के नाम की एक रसीद भी दी। कुछ दिन बाद सेंटर संचालक ने कहा कि जीजूये हिसार में दाखिले की अंतिम तिथि जा चुकी है, लेकिन वह उसे जयपुर की एक निजी यूनिवर्सिटी से एमबीए करवा सकता है। इसके लिए करीब 26 हजार रुपये फीस होगी। इसके बाद उसके बेटे ने बाकी फीस भी सेंटर संचालक को दी। सेंटर संचालक ने जुलाई 2016 में नारनौल में अपने सेंटर पर ही छात्र की एमबीएम की परीक्षा दिलवा दी। परीक्षा के दो माह जब उसने रिजल्ट के लिए सेंटर पर संपर्क किया तो बताया गया कि अभी रिजल्ट लेट है, कुछ समय लगेगा।
यूनिवर्सिटी पहुंचने पर हुआ खुलासा
मोहित बार-बार रिजल्ट के लिए सेंटर संचालक से संपर्क करने लगा, लेकिन हर बार उसे एक ही जवाब मिला। इसके बाद वे सेेंटर संचालक को बिना बताए ही जयपुर की यूनिवर्सिटी पहुंच गए। वहां उन्हें बताया गया कि नारनौल सेंटर से उनके यहां न तो कोई फीस जमा करवाई गई है और न ही विद्यार्थी का रजिस्ट्रेशन है।
-दो वर्षों के पेपर एक साथ दिलवाने का दिया भरोसा
जयपुर से वापस आने के बाद छात्र मोहित और उसके पिता ने सेंटर संचालक से संपर्क किया और उसे जयपुर की यूनिवर्सिटी की जानकारी दी। इस पर सेंटर संचालक ने कहा कि वह दोनों वर्षों के पेपर एक साथ दिलवा देंगे। इसके कुछ दिन सेंटर संचालक ने उनका मोबाइल उठाना बंद कर दिया। सेंटर पर भी आना छोड़ दिया। वे उसके घर पहुंचे और परिजनों को पूरी बात बताई। परिजनों ने उसके नंबर देते हुए कहा कि सेंटर संचालक से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वह बहुत दिनों से दिल्ली रहने लगा है।
पीड़ित छात्र के पिता सुरेशचंद की शिकायत मिली है। सेंटर संचालक से संपर्क किया जा रहा है। इसकी जांच करके सेंटर संचालक के खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
-रणजीत सिंह, नारनौल शहर थाना प्रभारी।