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निजी अस्पताल पर राजस्थान की टीम का छापा

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अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। राजस्थान की एक टीम ने बिना स्थानीय पुलिस व स्वास्थ्य विभाग को सूचित किए गर्ल आईटीआई के पास स्थित एक निजी अस्पताल पर छापा मार दिया। यह छापा उसी अस्पताल में मारा गया, जहां रविवार को एक्सपायरी डेट की दवाईयां दिए जाने पर एक महिला के मरीजों ने हंगामा किया था। वहीं छापे की सूचना के बाद अस्पताल परिसर के बाहर अनेक लोग जुट गए। वहीं चिकित्सक ने कहा कि यह टीम नकली थी तथा उससे पैसे भी ऐंठ ले गई। हालांकि चिकित्सक ने इस बारे में कहीं भी शिकायत नहीं की। टीम चिकित्सक के एक कमरे में रखी अल्ट्रासाउंड मशीन के कमरे को बाहर से ताला भी लगा गई। टीम वहां से दो दलाल पकड़कर ले गई है, जो राजस्थान में भ्रूण लिंग जांच कराने का काम करते हैं।
सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे राजस्थान से आई एक टीम ने गर्ल आईटीआई के पास स्थित एक अस्पताल पर छापा मारा। छापे के दौरान टीम राजस्थान नंबर की दो गाड़ियों में सवार होकर आई थी। बताया जा रहा है कि टीम के साथ एक डिकाय महिला मरीज व उसका सहयोगी भी था। चिकित्सक ने जैसे ही महिला मरीज का अल्ट्रासाउंड किया तो टीम ने अचानक छापा मारा। टीम सदस्यों ने चिकित्सक एमआर मक्कड़ से भी पूछताछ की। अल्ट्रासाउंड मशीन कमरे के ताला लगाया। टीम सदस्यों ने अस्पताल और उसके चारों ओर का कागज पर नक्शा बनाया। इसके बाद यह टीम सदस्य राजस्थान के नंबर वाली गाड़ी में सवार होकर चले गए।
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- 20 मिनट बाद एसएचओ भी आए मौके पर
टीम के वहां से चले जाने के करीब 20 मिनट बाद सिटी एसएचओ रणजीत सिंह टीम सहित मौके पर पहुंचे और पूछताछ की। पुलिस को भी इस छापामार कार्रवाई की जानकारी नहीं मिल पाई।

- चिकित्सक ने लगाया टीम पर पैसे ऐंठने का आरोप
अस्पताल संचालक डॉ. एमआर मक्कड़ ने बताया कि उसके पास एक महिला और एक पुरुष आया। गर्भवती महिला ने पेट में साढ़े तीन माह का बच्चा होने की बात कही। उसी वक्त महिला को बताया गया कि यहां लिंग की जांच नहीं होती। अगर इस संबंध में आपसे किसी ने पैसा लिया है तो आप स्वयं जिम्मेदार हैं। इस महिला की जांच की गई तो पता चला पेट में साढ़े तीन नहीं, बल्कि साढ़े छह माह का बच्चा है। उसका अल्ट्रासाउंड भी किया गया। इसी दौरान कुछ लोग अंदर आए और पूछताछ करने लगे। वह अपने आपको किसी टीम का सदस्य बता रहे थे। इस टीम सदस्यों ने ही महिला के साथ आए नरेंद्र नामक व्यक्ति की जेब से पैसे बरामद किए। महिला और नरेंद्र नामक व्यक्ति ने भी लिंग जांच नहीं करने की बात टीम को कही। चिकित्सक ने आरोप लगाया कि उसकी पेंट की जेब में दो-दो हजार के दस नोट थे। वहीं ऊपर शर्ट की जेब में 1100-1200 रुपये और महिला मरीज से अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांच का जो पैसा साढ़े 1500 रुपये था। यह पूरी राशि जांच के दौरान टीम सदस्यों ने मोबाइल सहित उसकी जेब से निकाल ली। किंतु कुछ देर बाद मोबाइल दे दिया। इस टीम ने अल्ट्रासाउंड मशीन कमरे को ताला लगा दिया।
- राजस्थान की थी पीसीपीएनपडीसी टीम
इस बारे में राजस्थान के पीसीपीएनडीसी टीम के इंस्पेक्टर उमेश निथरवाल ने बताया कि नरेंद्र सिंह एक अन्य दलाल पर जयपुर में लिंग जांच करवाने का मुकदमे दर्ज हैं। इन दलालों को पकड़ने के लिए दो माह से जाल बिछाया जा रहा था। इसके लिए टीम ने सीकर की एक महिला को डिकाय मरीज बनाया। इस डिकाय मरीज को नारनौल शहर के निजी अस्पताल में भेजा गया। वहीं मौके पर दोनों दलाल पकड़े गए हैं। इन दोनों आरोपियों को जयपुर के पीजीआई पुलिस थाना में लेकर आए हैं।
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- यहां के किसी भी निजी अस्पताल में बाहर की टीम ने छापामारी की है। इसकी विभागीय तौर पर जानकारी नहीं दी गई। सुनने में आया है कि यह टीम राजस्थान से थी।
- डा. अशोक कुमार, डिप्टी सीएमओ

सिटी एसएचओ ने जयपुर के एडिशनल एसपी से बातचीत की। उन्होंने राजस्थान से ही टीम द्वारा छापा मारने की बात कही है। यह टीम लिंग जांच करवाने में बीच का किरदार निभाने वाले दो दलालों को पकड़कर साथ ले गई है। इस बारे में स्थानीय पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी गई।
- नरेश कुमार, पीआरओ, पुलिस
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