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मोबाइल को पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन बताकर मनघंड़त रिपोर्ट देकर ठगते थे पैसे

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अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। माजरा चुंगी पर स्थित महल होटल में लिंग जांच करते पकड़े गए आरोपियों के पास बरामद की गई पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन नकली मिली। दरअसल, यह मशीन नहीं थी, मोबाइल में ही कुछ तार जोड़कर इसे मशीन की तरह से दिखाकर गर्भवती महिला के पेट पर जैल लगाकर मोबाइल घुमाकर धोखाधड़ी से पैसे ठगे जाते थे। राजस्थान पीसीपीएनडीटी की टीम की ओर से भ्रूण लिंग जांच मामले में पकड़े गए आरोपियों को शुक्रवार को अलवर के एसीजेएम न.3 रेशमा खान की अदालत में पेश किया गया। जहां से दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अलवर क्षेत्र एवं आसपास की गर्भवती महिलाओं को हरियाणा लाकर भ्रूण लिंग जांच कराने की सूचना मिल रही थी। इसके बाद टीम ने स्वास्थ्य विभाग की एक महिला को डिकॉय पेशेंट बनाया। डिकॉय पेेेशेंट ने भ्रूण लिंग जांच कराने वाले दलाल सतपाल से संपर्क किया। सतपाल से राजस्थान के जखराना गांव में 40 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। पेंशेंट ने टीम की ओर से दिए गए 40 हजार रुपये दलाल को दे दिए। इसके बाद सतपाल ने उसे महेंद्रगढ़ में माजरा चुंगी स्थित एक होटल (ढाबा) पर बैठा दिया।
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महिला को बताया कि उसका दोस्त सुनील मशीन लेकर आ रहा है। कुछ देर बाद सुनील एवं उसके साथ एक लड़की मुकेश बाई होटल पर आ गए। सतपाल ने 10 हजार रुपये सुनील को दे दिए। 30 हजार रुपये कुछ देर में वापस आकर देने की बात कहकर चला गया। इसके बाद सुनील एवं मुकेश बाई ने होटल में ही गर्भवती महिला का फर्जी तरीके से मोबाइल में एक तार लगाकर सोनोग्राफी करने का नाटक किया और भ्रूण लिंग कर फर्जी जानकारी देते हुए गर्भ में लड़का होने के बारे में कहा। गर्भवती महिला एवं सहयोगी महिला ने होटल से बाहर आते ही टीम को इशारा किया। इशारा पाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुनील यादव एवं मुकेश बाई को गिरफ्तार कर लिया। सुनील की जेब से 10 हजार रुपये भी बरामद किए। मौके से फरार सतपाल की तलाश जारी है। टीम में पुलिस निरीक्षक श्रीराम बड़सरा, पूर्णमल यादव, पीसीपीएनडीटी कॉर्डिटनेटर गफूर खान, भरतपुर पीसीपीएनडीटी कॉर्डिनेटर प्रवीण कुमार, दौसा पीसीपीएनडीटी कॉर्डिनेटर मुनेंद्र शर्मा, कांस्टेबल राजेंद्र सिंह, शंकर और अनीता शामिल थे।
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मोबाइल से करते थे सोनोग्राफी
पीसीपीएनडी जिला अलवर के समन्वयक डॉ. गफूर खान ने बताया कि आरोपी सुनील और मुकेश बाई वासी महेंद्रगढ़ जिला में मोबाइल में तार लगा कर फर्जी तरीके से सोनोग्राफी कर गर्भवती महिलाओं को धोखा देते थे। महिला के पेट पर जैल लगाकर एक उपकरण घूमाते थे। किसी को लड़का तो किसी को लड़की बताकर हजारों रुपये वसूलते थे।
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