अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। राजस्थान पुलिस पर हमला करने के आरोपी परिवारजनों का कहना है कि एक साजिश के तहत शादी में अवरोध पैदा करने की कोशिश की गई थी।
पुुलिस को पहले से पता था कि घर में शादी है। उसके बाद आरोपी के घर की बजाए शादी वाले घर में पुलिस ने छापा मारा। परिजनों ने बताया कि मंगलवार को सुरेंद्र की बेटी मोनिका की शादी थी। दोपहर करीब दो बजे बारात आनी थी। बारात आने से महज दो घंटे पहले पुलिस ने घर में आतंक का माहौल बना दिया। राजस्थान पुलिस के साथ कुछ बिना ड्रेस वाले लोग भी थे। ऐसे लोगों को हमारे घर में जबरदस्ती लाया गया। राजस्थान पुलिस को शादी के घर में नहीं आना चाहिए था। पुुलिस को तलाशी लेनी थी तो गांव के सरपंच को साथ लेकर आते। स्थानीय पुलिस को लेकर आते। परिवारजनों ने पूरे घर की तलाशी लेने दी। इसके बाद भी पुलिस ने बदतमीजी कर गाली गलौज किया। महिलाओं के साथ अभद्रता कर धक्के मारे। सुरेंद्र के परिवारवालों ने बताया कि उनके चाचा सुमेर को पुलिस पकड़ने आई थी। उनका घर करीब एक किलोमीटर दूर खेत में है। कई साल से दोनों भाइयों में बोलचाल तक नहीं। इसके बाद भी पुलिस ने शादी वाले घर में छापा मारा। परिवार के लोगों ने कहा कि दो तीन दिन पहले भी पुलिस इसी तरह से आई थी। हमें परेशान कर चली गई। इस बार पुलिस आई तो हमने वीडियो भी बनाई है। पुलिस किस तरह से हमारे घर में घुसी।
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चार बार खाली हाथ लौटी पुुलिस
राजस्थान पुलिस के अनुसार आरोपी सुमेर को गिरफ्तार करने के लिए टीम चार बार दबिश दे चुकी थी। अब तक पुलिस आरोपी को पकड़ नहीं सकी है। मंगलवार को पुलिस को आरोपी के गांव में ही होने की सूचना मिली थी। सतनाली पुलिस ने राजस्थान पुलिस की गाड़ी को सतनाली थाने में खड़ा कराया है। इस गाड़ी को क्षतिग्रस्त किया गया है। केस प्रॉपर्टी के तहत इस गाड़ी को यहां रखा गया है। राजस्थान पुलिस को दूसरी गाड़ी में भेजा गया है।