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डॉ. भीमराव आंबेडकर को ब्राह्मणों का दामाद बताने वाले विशाल दोचानिया ने सभा के बीच में मांगी माफी

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अमर उजाला ब्यूरो
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कनीना। डॉ. भीमराव आंबेडकर को ब्राह्मणों का दामाद बताने वाले विशाल दोचानिया को सभा के बीच में माफी मांगनी पड़ी। गांव भोजावास में शुक्रवार को अग्रसेन धर्मशाला में दो समुदायों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गांव भोजावास के अलावा गौड़ ब्राह्मण सभा महेंद्रगढ़ एवं रेवाड़ी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने शिरकत की।
सभा का एजेंडा डॉ. भीमराव आंबेडकर को ब्राह्मणों का दामाद बताने के पीछे क्या उद्देशय रहा, ओर आरोपित ने किसके कहने पर सोशल मीडिया पर संदेश वायरल किया। काफी कशमकश के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल करने वाले विशाल दोचानिया ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उसके बाद सचिन आदि के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करवाने वाले बिरदी राम ने भी भूलवश शिकायत थाने में देने पर गलती मान ली। सभा में उपस्थित लोगों के समक्ष दोनों पक्षों का राजीनामा हो गया।
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सभा में कैलाश शर्मा, अधिवक्ता गिरवर लाल कौशिक, अधिवक्ता एवं पूर्व बार प्रधान रमेश शर्मा, सुरेश शर्मा कनीना, कंवर सैन वशिष्ठ, राजेश दीवान, ललित शास्त्री रेवाड़ी, सुभाष चंद नबरदार, सुरेश शास्त्री, रोहतास सिंह बिसोहा, सतबीर स्वामी, संतलाल शर्मा, रामोतार, देवेंद्र सिंह, जयप्रकाश सहित गणमान्यजनों ने काफी मंथन के बाद मामले का हल निकाल दिया। दोनों पक्षों में राजीनामे पर सहमति बन गई। जिसे सभा में लिखित रूप प्रदान किया गया। सभा में हाजिर सदस्यों ने कहा कि गांव का भाईचारा कायम रखना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
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भोजावास निवासी विशाल दोचानियां ने सोशल मीडिया पर डॉ. भीमराव आंबेडकर को ब्राह्मणों का दामाद बता कर कमेंट पोस्ट कर दिया। इतना ही नहीं उनके द्वारा ब्राह्मणों के मंदबुद्धि, मांग कर खाने, ब्रह्माजी के मुख से जन्म होने संबंधी समाज को परिस्कृत करने वाली विभिन्न टिप्पणियां कर दी थीं। स्वाभिमान पर ठेस मानते हुए सचिन शर्मा ने इसकी शिकायत पुलिस थाने में की। जहां विशाल के खिलाफ आईटी एवं आईपीसी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। कुछ दिन बाद विशाल के पिता बिरदी राम ने भी सचिन व उसके साथियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दे दी। जिस पर उपरोक्त सहित एससी-एसटी एक्ट के तहत चार व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। सभा की ओर से दोनों केस अखराज करने पर सहमति बन गई। जिसे लेकर गांव व समाज में खुशी व्याप्त है।
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