फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस भर्ती परीक्षा की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

नारनौल। जिला कोर्ट ने गत 23 दिसंबर को हुई हरियाणा पुलिस के सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले की जांच एसआईटी से कराने के लिए डीजीपी को निर्देश दिए हैं।
बता दें कि 23 दिसंबर को महेंद्रगढ़ स्थित राव जयराम डिग्री कॉलेज के सेंटर के कमरा नंबर 76 में अनुचित रूप से स्वयं को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की फ्लाइंग का सदस्य बताकर नीरज ने प्रवेश किया था। आरोप है कि उसने एक युवक को एक कागज देने का प्रयास किया। जिसका ड्यूटी दे रहे सुपरवाइजर मेहरचंद ने विरोध किया। बाद में उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया। महेंद्रगढ़ थाने में नीरज उर्फ मंजीत पर केस दर्ज हो गया था। आरोपी नीरज ने सत्र न्यायाधीश नारनौल के न्यायालय में 24 जनवरी को जमानत की अर्जी दाखिल की थी। बार के पूर्व प्रधान मनीष वशिष्ठ ने बताया कि आरोपी नीरज की जमानत को खारिज करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विवेक सिंघल ने बड़ा फ्रॉड होने की संभावना जताई। सरकारी वकील रमणीक यादव ने कोर्ट को बताया कि कि संदीप ने सोनिल से उक्त पेपर की उत्तर कुंजी को एक लाख रुपये में खरीदने की डील हुई थी। जब नीरज परीक्षा केंद्र के अंदर था तो संदीप के मोबाइल पर परीक्षा समाप्ति के 10 मिनट पहले उत्तर कुंजी प्राप्त हुई। जिसे देने के लिए एसएससी का फर्जी प्रतिनिधि बन कर परीक्षा केंद्र में घुसा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि जिस सोनिल के मोबाइल फोन से उत्तर कुंजी प्राप्त हुई, वह चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस में कार्यरत है। कोर्ट इसे गंभीर मानते हुए नीरज की जमानत को खारिज कर दिया। इसके अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने आशंका जताई की परीक्षा प्रारंभ होने के कुछ समय बाद उक्त परीक्षा की उत्तर कुंजी मोबाइल पर भेजा गया है, इससे इस संभावना को नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने इसके लिए गहन जांच की आवश्यकता बताई। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या एसआईटी से कराएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें