अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। जिला कोर्ट में हत्या के मामले में गवाही देने आए दो गुटों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी की। मौके पर तैनात पुलिस ने आठ लोगों को पकड़कर सिटी थाना पुलिस को सौंप दिया। सिटी थाना पुलिस ने कोर्ट में शांति भंग करने व मारपीट करने अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
महेंद्रगढ़ के आकाश हत्याकांड में वीरवार को सुनवाई थी जिसमें दोनों पक्षों से करीब सौ से ज्यादा लोग कोर्ट में आए हुए थे। लंच के बाद अचानक कोर्ट परिसर में दोनों गुटों में विवाद हो गया। जिस पर दोनों गुट एक-दूसरे से भीड़ गए और एक गुट गेट के अंदर और दूसरा गेट के बाहर खड़े होकर एक-दूसरे पर पत्थरबाजी करने लगा। इस दौरान गेट पर तैनात पुलिसकर्मी ने गेट बंद कर कंट्रोल रूम को सूचना दी जिस पर कोर्ट परिसर के अंदर रहे पांच-छह युवकों को काबू कर सिटी पुलिस को सौंप दिया। वहीं गेट के बाहर दूसरा गुट मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस समेत अन्य मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने आठ आरोपियों पर शांति भंग करने, सरेआम झगड़ा करने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी रमेश ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में संदीप, ललीत, कुलदीप, दयाराम, योगेंद्र, नवीन, जयभगवान व रविंद्र शामिल हैं।
सुनवाई के बहाने कोर्ट में प्रवेश हुए सैकड़ों लोग
वकीलों के अनुसार कोर्ट की नई बिल्डिंग की तरफ काफी संख्या में युवाओं का जमावड़ा लग गया था। सभी बाहर बेंच पर बैठे हुए थे। गेट नंबर 2 पर तैनात पुलिसकर्मी करतार ने बताया कि सैकड़ों युवाओं ने पेशी के नाम पर कोर्ट में प्रवेश किया था। ऐसे में उन पर किसी प्रकार का शक नहीं हुआ। करीब डेढ़ से दो बजे के बीच में अचानक गेट नंबर 2 पर कुछ युवक आ गए और विवाद करने लगे। इसी दौरान दोनों गुट एक-दूसरे पर पत्थरबाजी करने लगे। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना कंट्रोल रूम में देकर गेट को बंद कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने गेट के अंदर युवकों को मौके पर काबू कर लिया और गेट के बाहर खड़े दूसरे गुट के युवक मौके से फरार हो गए।
सुरक्षा के लिए दोनों गेटों पर तैनात पुलिस बल
कोर्ट परिसर की सुरक्षा के लिए कोर्ट के दोनों गेटों पर पुलिस कर्मी हमेशा तैनात रहते हैं। पहले गेट पर मेटल डिडेक्टर के बाद ही अंदर लोगों को प्रवेश दिया जाता है जबकि दूसरे में सामान्य चेकिंग के बाद अंदर जाने की अनुमति है। हालांकि कोर्ट की पुरानी बिल्डिंग की गैलरी से कोर्ट में जाने के लिए रास्ता है जिसे वारदात के बाद बंद कर दिया गया था। हालांकि मेन गेट से 50 मीटर दूर कैमरा लगा हुआ है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज लेकर मामले की जांच करेगी।
पुलिस को सतर्कता बरतनी चाहिए थी : बार प्रधान
कोर्ट परिसर में अचानक हुए विवाद के बाद पत्थरबाजी से वकीलों में सुरक्षा को लेकर भय का माहौल बना हुआ है। हालांकि पत्थरबाजी में किसी बाहरी व्यक्ति को चोट लगने की सूचना नही है। कोर्ट परिसर में इससे पहले इस प्रकार की कोई घटना नहीं हुई थी। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि इस तरह के मामलों में पुलिस को पहले ही सतर्कता बरतनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि जब पहले से संगीन मामले की गवाही होनी थी तो पुलिस को पहले ही अलर्ट रहना था। उन्होंने कहा कि नारनौल कोर्ट में इस तरह की घटना को लेकर सतर्क रहना चाहिए जिससे की दोबारा इस प्रकार की घटना न दोहराई जा सके।
क्या है मामला
पिछले साल 7 दिसंबर में महेंद्रगढ़ निवासी आकाश नामक युवक की कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी। इसी मामले की आज नारनौल कोर्ट में सुनवाई थी जिसे लेकर दोनों पक्षों के लोग कोर्ट में आए थे। लंच के बाद दोनों गुटों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया और मामला पत्थरबाजी तक पहुंच गया।