लॉकडाउन के समय नौकरी छूट जाने से आहत एक व्यक्ति ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। गांव कोथल कलां निवासी 32 वर्षीय महेश ने शुक्रवार की रात अपने घर में ही फांसी लगा ली। परिजनों ने बताया कि पिछले कुछ दिन से महेश मानसिक तौर पर परेशान था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया।
गांव कौथल कलां निवासी संतरा देवी ने बताया कि उसका बेटा महेश कुमार (32) गुरुग्राम में एक कंपनी की गाड़ी चलाने का काम करता था। लॉकडाउन के समय कंपनी बंद होने पर नौकरी छूट गई। अब अनलॉक होने के बाद भी कंपनी ने उसे दोबारा नौकरी पर नहीं बुलाया। जिसके चलते वह मानसिक तौर पर परेशान रहता था। संतरा देवी ने बताया कि महेश ने अपने स्तर पर महेंद्रगढ़ में भी नौकरी तलाश की थी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 6 बजे महेश ने चौबारे में इसी मानसिक परेशानी के चलते फंदा लगा लिया। जब महेश काफी देर तक नीचे नहीं आया तो परिवार के लोगों ने छत पर जाकर देखा तो महेश का शव फंदे पर लटकता मिला। परिजनों ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतार कर महेंद्रगढ़ के नागरिक अस्पताल में रखवाया। शनिवार सुबह पुलिस ने मृतक की मां संतरा के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। गांव कौथल कलां निवासी यशवंत राव ने बताया कि मृतक महेश शादीशुदा था। उसकी शादी 2019 में हुई थी। मृतक के भाई की भी 2019 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी।