क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला से दुष्कर्म और उसे देह व्यापार में धकेलने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति, देवर और एक सिपाही समेत अन्य पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि पुलिस ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पत्र मिलने पर केस दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार पंजाब निवासी एक महिला की शादी क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक से साल 2017 में हुई थी। शादी के बाद आरोपी पीड़िता को अपने गांव ले गया व उससे मारपीट करनी शुरू कर दी। आरोप है कि देवर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पति ने भी अपने भाई का साथ दिया और दोस्तों से भी दुष्कर्म कराया। इससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी। इसकी शिकायत सास से की तो उसने भी मदद नहीं की। फिर आखिर में पीड़िता ने इसकी जानकारी अपने माता-पिता को दी।
आरोप है कि पीड़िता के माता-पिता को आरोपियों ने डरा-धमका कर भाग दिया। इसमें आरोपियों का साथ एक सिपाही ने भी दिया। पीड़िता की मां ने पंजाब पुलिस को शिकायत दी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। एक दिन पीड़िता का पति और आरोपी सिपाही नशे में धुत थे। इसी दौरान मौका पाकर वह मायके आ गई। इसी दौरान आरोपी पति, सिपाही समेत अन्य उसके घर पहुंचे। आरोपियों ने पुलिस में गुमशुदगी का केस दर्ज करा दिया और दबाव देकर उसे अटेली ले आए। नशे का इंजेक्शन लगाकर उसे एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद पति, पुलिसकर्मी व अन्य उसके साथ दुुष्कर्म करने लगे। पीड़िता ने आरोप लगाया कि 27 अप्रैल को आरोपियों ने मिट्टी का तेल छिड़कर उसे जलाने का भी प्रयास किया। इसके बाद पीड़िता ने अपनी मां को पूरी बात बताई। पीड़िता की मां अटेली थाना पुुलिस की मदद से उसे अपने साथ ले गई। आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता ने लुधियाना पुलिस को शिकायत दी। अटेली थाना प्रभारी राजेंद्र कौशल ने बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पत्र के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।