अटेली थाना पुलिस ने फर्जी तरीके से आयुष्मान भारत के नाम जोड़ने के मामले में अलग-अलग तीन एफआईआर मंगलवार की देर शाम दर्ज की ली। पुलिस ने आरोपियों पर धोखाधड़ी, साजिश रचने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। आरोपी गांवों में लोगों को झांसा देकर आयुष्मान भारत योजना में नाम जोड़ने के लिए पैसे ले रहे थे। आरोपियों के पास से 16 हजार रुपये व आवेदन पत्र बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी गांवों में लोगों को पैसे लेकर आयुष्मान योजना में नाम शामिल करने के लिए मंगलवार को फार्म भरवा रहे थे। इस पर लोगों को शक हो गया और हेल्थ विभाग को सूचना दी। टीम ने मौके से चार युवकों को फार्म भरते रंगे हाथ पकड़ लिया था। दूसरी ओर देर शाम बाजड़ गांव के सरपंच शमशेर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने नवीन, अनिल व राजेश पर धोखाधड़ी, साजिश रचने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। सरपंच का कहना है कि आरोपी लोगों से पैसे लेकर फर्जी तरीके से आयुष्मान भारत में नाम जोड़ने व गोल्डन कार्ड बनाने का लोगों को झांसा दे रहे थे।
दूसरी ओर करेया निवासी प्रदीप कुमार की शिकायत पर अटेली थाना पुलिस ने जसवीर, हरीश, जयवीर, अनिल कुमार पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया था। तीसरे मामले में सलीमपुर के अश्वनी की शिकायत पर पुलिस ने जैनावास निवासी विजयपाल, मनोज, नवीन व प्रवेश पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पूछताछ के बाद 11 आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने सभी को जमानत दे दी। अटेली थाना प्रभारी राजेंद्र ने बताया कि मुख्य आरोपी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपी ने अलग-अलग एरिया में कई लोगों को ठेका दिया हुआ था। युवकों को फार्म भरने पर तीन रुपये प्रति फार्म मिल रहा था। इनके पास से 16 हजार रुपये बरामद हुए हैं।
क्या है मामला
आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान भारत के फर्जी गोल्डन कार्ड बनाने की एक शिकायत ट्विटर पर रवि नामक युवक से विभाग को मिली थी। शिकायत को मद्देनजर रखते हुए विभाग सतर्क हो गया था। इसी दौरान विभाग को मंगलवार को सूचना मिली थी कि तुर्कीयावास गांव में कार्ड बनाया जा रहा है। इस पर आयुष्मान भारत की एंटी फ्रॉड टीम के सदस्य उप सिविल सर्जन डॉ. डीके सैनी व जिला सूचना प्रबंधक उमेश सैनी मौके पर पहुंचे और चार लोगों को रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी योजना में नाम जोड़ने के नाम पर गांव के करीब 130 लोगों से 30 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से लगभग 3900 रुपये एकत्रित कर चुके थे।
दो लाख से अधिक हैं लाभार्थी
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत जिले में कुल 2,08,158 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाएं जाने हैं। इसमें अभी तक करीब 51 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बने हैं। पिछले साल 23 सितंबर को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का जिला नागरिक अस्पताल नारनौल से शुभारंभ हुआ था। योजना में साल 2011 में हुए सामाजिक आर्थिक आंकड़े को आधार मानकर लाभार्थियों की सूची बनाई गई थी। जिले में 45800 हजार परिवार लाभपात्र हैं। शहरी क्षेत्र में करीब आठ हजार हैं। लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनवाने की सुविधा जिला अस्पताल नारनौल व उप नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में उपलब्ध है। अब सीएससी में बनाने की अनुमति दी गई है।
11 निजी अस्पताल पैनल में हुए शामिल
जिले में दो सरकारी नागरिक अस्पताल और 11 निजी अस्पताल पैनल पर हैं। इसमें सरकारी जिला अस्पताल नारनौल व उप नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ है। निजी अस्पतालों में विजय अस्पताल नारनौल, संवेदना अस्पताल नारनौल, कृष्णा आई अस्पताल नारनौल, कृष्णा आई अस्पताल महेंद्रगढ़, गंगा देवी पांडे अस्पताल महेंद्रगढ़, इमरान ईएंडटी अस्पताल नारनौल, शांति अस्पताल नारनौल, सिंघल अस्पताल नारनौल, हेमंत अस्पताल नारनौल और बंसल आईकेयर महेंद्रगढ़ पहले से शामिल थे। अब गोयल आई सेंटर भी पैनल में शामिल हो गया है।
जिले में इस प्रकार का पहला मामला आया है। इस तरह के फ्रॉड से निपटने के लिए टीम का गठन किया गया है। साल 2011 के सामाजिक आर्थिक आंकड़े को आधार मानकर लाभार्थियों की सूची बनाई गई है। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति एवं परिवार का नाम नहीं जोड़ा जा सकता। इस तरह की जालसाजी से बचें।
- डॉ. डीके सैनी, नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत, नारनौल।