अपनी बेटी का परिवार उजड़ने से आहत पिता ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। गांव रिवासा निवासी 51 वर्षीय रामनिवास की इससे मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। मृतक के बेटे की शिकायत पर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा के तहत तीन लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
गांव रिवासा निवासी सुरेंद्र ने बताया कि उसकी बहन पूनम की 2007 में लावण गांव के निवासी नरेंद्र से शादी की थी। शादी के कुछ साल तक सब कुछ ठीक चल रहा था। नरेंद्र पहले दिल्ली की किसी कंपनी में काम करता था। वह पूनम को अपने साथ दिल्ली ले गया। बाद में वह गुरुग्राम मानेसर की एक कंपनी में नौकरी करने लगा। अप्रैल 2019 में उसने पूनम को गांव लावण में छोड़ दिया। सुरेंद्र ने बताया कि उन्हें पता लगा कि नरेंद्र ने गुरुग्राम में किसी अन्य लड़की से शादी कर ली है। इसके बाद पंचायत बुलाई गई। मई 2019 में पूनम अपने मायके में आकर रहने लगी। दो महीने पहले थाने में हुई पंचायत में फैसला हुआ कि पूनम व उसके 11 साल के बेटे गौरव के खर्च के लिए नरेंद्र हर महीने 9 हजार रुपये देगा। इस फैसले पर दोनों पक्षों के लोगों ने हस्ताक्षर किए। बाद में नरेंद्र व उसके परिजन इस फैसले से मुुकर गए। इसके बाद उन्होंने नरेंद्र के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया। सुरेंद्र ने बताया कि अपनी बेटी पूनम को लेकर उसके पिता काफी परेशान रहते थे। पिछले दो- तीन दिन से वह बेहद तनाव में थे। अपनी बेटी का घर उजड़ने का उनको दुख था। इसी तनाव में उन्होंने सोमवार शाम करीब तीन बजे जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ते देख परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां देर रात उपचार के दौरान रामनिवास ने दम तोड़ दिया।
सोमवार शाम करीब तीन बजे मेरे पिता ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हम उनको लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां रात को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पिता पिछले कुछ दिन से बेहद तनाव में थे। वह पूनम का रिश्ता टूट जाने परेशान चल रहे थे। कई बार इस बात को लेकर जिक्र करते थे।
सुरेंद्र, मृतक का बेटा।
शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। फिलहाल धारा 306,34 के तहत केस दर्ज किया गया है। इसमे गांव लावण निवासी नरेंद्र, उसके पिता ओमप्रकाश व उसकी मां प्रेमलता को आरोपी बनाया गया है।
-नरेश कुमार, पुलिस प्रवक्ता, महेंद्रगढ़।