सतनाली पुलिस ने शनिवार को संदिग्ध परिस्थिति में मिले हिसार जिले के बड़ाला वासी रमेश के शव की पहचान के बाद हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को मंगलवार रात सतनाली से गिरफ्तार कर बुधवार को अदालत में पेश किया। जहां से उन्हें दो दिन के रिमांड पर भेज दिया है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वयं को सोनू वासी फतेहाबाद और कर्मजीत वासी कैथल बताया। दोनों आरोपी रिश्ते में जीजा-साला है।
सतनाली थाना प्रभारी सज्जन शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शनिवार को नांवा के जोहड़ में अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। इसके बाद पुलिस ने एसपी दीपक सहारण के निर्देशानुसार सघनता से जांच शुरू की। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। मृतक के गले में फंदा लगा होने के कारण पुलिस मामले को हत्या से जोड़कर जांच कर रही थी। जांच में मृतक की पहचान हिसार के गांव बड़ाला वासी रमेश के रूप में हुई थी। पुलिस ने मृतक के परिजनाें द्वारा बताए संदिग्धों के आधार पर दोनों आरोपियों को काबू किया है।
थाना प्रभारी के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मृतक रमेश तंत्र विद्या का काम करता था। पंजाब में रमेश के साथ उनकी जान-पहचान हुई थी। रमेश ने कर्मजीत की बीमार पत्नी का इलाज तंत्र क्रिया के माध्यम से करने की बात कहते हुए रुपयों की मांग की थी। जिस पर कर्मजीत ने उसे कुछ रुपये दे दिए। आरोपियों ने बताया कि रमेश कर्मजीत से बार-बार और रुपये देने के लिए बोल रहा था। रुपये न देने पर तंत्र क्रिया से उसके पुत्र को मारने की धमकी दी। जिसके कुछ दिनों बाद कर्मजीत के बेटे की मौत हो गई। इस पर वे घबरा गए और अनहोनी के डर से सतनाली में आकर मेहनत मजदूरी कर अपना गुजारा करने लगे और किराए के मकान में रहने लगे।
आरोपियों ने बताया कि इसके बावजूद रमेश आए दिन उनसे रुपयों की मांग कर रहा था। इससे वे परेशान रहने लगे। इसी दौरान गत 15 नवंबर को रमेश उनके पास सतनाली में आ गया। यहां आकर रमेश ने रुपयों की मांग की। बार-बार रुपयों की मांग से परेशान होकर उन्होंने रमेश को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। आरोपियों ने बताया कि रमेश को रुपये देने के बहाने जोहड़ की ओर ले गए और उसकी हत्या कर दी। थाना प्रभारी सज्जन शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर दोनों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया, जहां उन्हें दो दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।