नांगल चौधरी में बखरीदा खदान में खनन को लेकर दो कंपनियों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। खदान को लीज पर लेने वाली कंपनी ने दूसरी कंपनी पर काम में बाधा डालने का आरोप लगाया है। इसे लेकर कंपनी ने नांगल चौधरी के विधायक, एसपी व नांगल चौधरी थाना प्रभारी आदि को शिकायत दी है। इसको लेकर एएसपी ने खदान का सोमवार को दौरा किया और मामले की जानकारी ली। आरोप है कि पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के बेटे की कंपनी खनन को लेकर मनमानी कर रही है।
जानकारी के अनुसार जीबीसीएल प्रा. लि. कंपनी को बखरीजा खदान का प्लाट नंबर चार लीज पर मिला हुआ है। कंपनी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि खदान में माइनिंग का कार्य जीआरबीएस को साल 2018 से तीन साल के लिए दिया था। लेेकिन, जीआरबीएस ठेका के शर्तों के अनुसार काम नहीं कर रही है। ऐसे में सितंबर में एग्रीमेंट को रद्द कर दिया गया था। खदान के केयरटेकर आशीष ने बताया कि दो नवंबर को खदान में ब्लास्ट के लिए होल किए गए थे। इसके लिए सेफ्टी हार्न बजाया गया, ताकि कोई खदान के आसपास न रहे। उन्होंने बताया कि बावजूद इसके जीआरबीएस कंपनी के कर्मचारी खदान से सामान लेकर नहीं हटे। इससे कंपनी ब्लॉस्ट नहीं कर सकी। कंपनी का आरोप है कि जीआरबीएस काम में बाधा डाल रही है। इससे कंपनी को रोजाना लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि जीआरबीएस मनमानी तरीके से काम रही है। वर्क आर्डर पहले से कैंसल कर दिया था। ऐसे में जीआरबीएस को जगह खाली कर देनी चाहिए। इसे लेकर कंपनी ने एमएलए नांगल चौधरी, डीसी, एसपी, खनन अधिकारी व नांगल चौधरी थाना प्रभारी को शिकायत दी है।
जीआरबीएस कंपनी एग्रीमेंट के अनुसार काम नहीं कर रही है। जिस पर 30 सितंबर को एग्रीमेंट रद्द कर दिया गया था। इसकी जानकारी 19 अगस्त को कंपनी को डाक से भेजी गई थी। कंपनी के निदेशक गौतम रामबिलास शर्मा मनमानी कर रहे हैं। उन्हें खदान खाली कर देना चाहिए।
आशीष पुरेखा, केयर टेेकर, जीबीसीएल।
मेरे नाम पर कोई शिकायत नहीं है। इस बारे में कुछ नहीं बोल सकता।
- गौतम रामबिलास शर्मा, जीआरबीएस।