गोसेवा आयोग ने गोवंश की सुरक्षा के लिए सख्ती शुरू कर दी है। अब कोई भी गोंवश आपको बाहर घूमता नहीं मिलेगा। इसके लिए आयोग ने जिले में की गोशालाओं को टेग नंबर भेज दिए गए हैं जो गोवंश के लगाए जाएंगे। टेग लगाने के बाद जो भी गोवंश बाहर घूमता पाया गया तो उसकी जिम्मेवारी संबंधित गोशाला की होगी।
इसके अलावा जिले में गोअभ्यारण खुलने तक आवारा गोवंश की सुरक्षा एवं पालन पोषण के लिए गोशालाओं को 50 लाख रुपये की राशि आयोग की तरफ से दी जाएगी। ये जानकारी पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित बैठक में की गई। बैठक में जिले की अनेक गोशालों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। हरियाणा गोसेवा आयोग के सदस्य एवं गोशाला धोलपोश आश्रम के संरक्षक दयाशंकर तिवाड़ी विशेष रूप से उपस्थित थे।
दयाशंकर तिवाड़ी ने बताया कि बैठक में पशुपाल विभाग के उप-निदेशक डा. जयपाल, उपमंडल अधिकारी रामौतार यादव, सीमन बैंक अधिकारी डा. नसीब सिंह यादव ने सरकार की योजनाओं एवं गोवंश की रक्षा को लेकर जानकारियां प्रदान की। सड़कों पर आवारा घूमते गोवंश को गोशालाओं में आश्रय प्रदान करवाने, गोवंश को टैंग लगाने की विस्तृत चर्चा हुई। तिवाड़ी ने बताया कि आयोग की ओर से इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए 50 लाख रुपये की धरन राशी जारी की हुई है। जिले की गौशालाएं अपने यहां कितने सड़कों पर घूमने वाले गोवंश को आश्रय प्रदान कर सकती हैं।
गोवंश को लगाए जाएंगे टैग
हरियाणा गोसेवा आयोग ने जिले की पशुपालन विभाग को गोशालाओं में पल रहे गोवंश को टैग लगाने के निर्देश जारी किए हैं। तिवाड़ी ने बताया कि पशुपालन विभाग स्वयं जाकर गोवंश को टैग लगाएंगे। इन टैग पर सीरियल नंबर लगे होंगे जिनका रिकार्ड गोशाला एवं पशुपालन विभाग के पास होगा। उन्होंने बताया कि अगर टैग लगी कोई भी गाय बाहर घूमती मिली तो संबंधित गोशाला पर कार्रवाई की जाएगी। कई गोशालाओं में टैग का कार्य शुरू भी हो चुका है।
50 लाख रुपये दिए जाएंगे गोशालाओं को
जिले में बाहर घूम रहे लावारिस गोवंश को अब गोशालाओं में भेजा जाएगा। इन गोवंश के पालन पोषण के लिए गोसेवा आयोग ने प्रदेश के हर जिले में 50 लाख रुपये दिए हैं। आयोग ये रुपये उन्हीं गोशालाओं को देगा जो आवारा गोवंश को अपनी गोशाला में जगह देगा। इन रुपये से उनके लिए चारे, पानी तथा साफ सफाई आदि की व्यवस्था की जाएगी।
फिर शुरू होगा बंधीकरण का कार्य
जिले में आवारा सांड के बंधीकरण का कार्य फिर से शुरू किया जाएगा। अक्तूबर माह में गोसेवा आयोग की ओर से मशीन आएगी जिसके द्वारा सांडों का बंधीकरण किया जाएगा। यह पहले जून माह में एक बार शुरू किया गया था लेकिन पूर्ण नहीं हो पाया। अब इस काम को पशुपालन विभाग पूरा करेगा। सांडों के बंधीकरण करने से गोवंश की संख्या नहीं बढ़ेगी