नारनौल। पिछले कुछ दिनों से (राइबोज न्यूक्लिक एसिड) एनआरए किट खत्म होने की वजह से कोरोना सैंपलिंग बंद हो गई है। सिविल अस्पताल नारनौल सहित अन्य जगहों पर भी सैंपलिंग नहीं की जा रही है। जिला मुख्यालय पर पहले के ही सैंपल टेस्ट के लिए पड़े हुए है उनकी जांच भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में खांसी जुकाम व बुखार के आने वाले मरीजों को केवल दवाई देकर घर वापस भेजा जा रहा है। यदि किसी को ज्यादा दिक्कत है तो उसे भी केवल दवा ही दी जा रही है। अन्य कोई विकल्प स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है।
वहीं नया कोई केस नहीं आया है। इसका मुख्य कारण सैंपलिंग नहीं होना है। यदि सैंपलिंग हो तो केस आने की उम्मीद है। वहीं सिविल अस्पतालों में अब भी कर्मचारी मास्क नहीं लगा रहे हैं। अस्पताल में आने वाले मरीज भी मास्क का प्रयोग नहीं कर रहे हैं और ही स्वास्थ्य विभाग उनको मास्क लगाने के लिए प्रेरित कर रहा है। अस्पताल में पर्ची कटवाने, ओपीडी में दिखाने से लेकर दवा लेने तक लोग बिना मास्क के एक-दूसरे से सटककर खड़े रहते हैं। ऐसे में यदि किसी को कोरोना हुआ तो दिक्कत आ जाएगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने ने जिले के सभी 27 कोरोना वारियर्स को हटा दिया है। इसके चलते भी सैंपलिंग में दिक्कत आ रह है। आरटीपीसीआर लैब, फ्लू कार्नर में इन कर्मियों की तैनाती की गई थी लेकिन उनको हटाए जाने के बाद अब सब कुछ प्रभावित हो गया है। अब तक उनकी दोबारा नियुक्ति के भी कोई आदेश नहीं आए हैं।
आरएनए किट की डिमांड भेजी गई
अस्पताल प्रशासन की तरफ से आरएनए किट की डिमांड भेजी गई है। उम्मीद है कि अगले दो से तीन दिन में किट आ जाएगी और उसके बाद सैंपलिंग शुरू हो जाएगी। हालांकि कर्मियों की कमी के कारण ज्यादा सैंपलिंग होने की उम्मीद काफी कम है।
आरएनए किट की डिमांड की हुई है। वह जल्द आ जाएगी। इसके बाद सैंपलिंग बढ़ाई जाएगी। कोरोना वारियर्स की नियुक्ति को लेकर कोई आदेश अब तक नहीं आए हैं।
-डॉ. रमेशचंद्र आर्य, सिविल सर्जन।