नारनौल। गुरुग्राम और नूंह में सरकार के समानांतर बिजली वितरण व्यवस्था सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर बिजली कर्मचारी 22 अक्तूबर रात 12 बजे से 24 अक्तूबर तक हड़ताल पर रहेंगे। जिन कर्मचारियों की रात की शिफ्ट में ड्यूटी है, वे 21 अक्तूबर की रात 10 बजे से हड़ताल पर चले जाएंगे।
जिले के सभी नियमित और अनुबंधित कर्मचारी इसमें शामिल रहेंगे। इससे बिजली आपूर्ति बाधित होने और ब्लैकआउट का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
सामान्य दिनों में भी बिजली से जुड़ी करीब 400 से 500 शिकायतें दर्ज होती हैं। हड़ताल में लंबे समय तक बिजली गुल रहने की संभावना सबसे ज्यादा है। पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो सकती है जिससे लोगों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
जिले में 602 एचकेआरएन और 544 नियमित एएलएम व लाइनमैन, 61 जेई, 12 एसडीओ, 2 कार्यकारी अभियंता और 1 अधीक्षक अभियंता बिजली आपूर्ति संभालते हैं। ये सभी हड़ताल पर रहेंगे।
बिजली कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन
सांझा संयुक्त संघर्ष मोर्चा और एचकेआरएन के आह्वान पर बुधवार को नारनौल सब-डिवीजन कार्यालय में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर फैसले की प्रति जलाई। अध्यक्षता महेंद्र पाल और संचालन यूनिट प्रधान बीरेंद्र यादव ने किया। सुभाष रोहिल्ला और किरोड़ी मल सैनी ने कहा कि सकारात्मक निर्णय न हुआ तो 22 से 24 अक्तूबर तक हड़ताल होगी। उन्होंने गुरुग्राम और फरीदाबाद की बिजली व्यवस्था निजी कंपनी को सौंपने के फैसले को गलत बताया। उनके अनुसार कर्मचारियों की मेहनत से ही गुरुग्राम निगम प्रदेश के आधे से ज्यादा राजस्व का योगदान दे रहा है। इस अवसर पर एसडीओ लोकेश कुमार, आदित्य वर्मा, सोमबीर, अश्विनी सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
क्या-क्या कार्य हो सकते हैं प्रभावित
फॉल्ट ठीक करने वाला स्टाफ न होने से लाइन फॉल्ट पर घंटों बिजली गुल रह सकती है।
नए कनेक्शन, मीटर बदलना, नाम ट्रांसफर और शिकायत केंद्र बंद रहेंगे।
अस्पताल, पानी सप्लाई और सरकारी कार्यालयों में बैकअप पर निर्भर रहना पड़ेगा।
होटल, रेस्टोरेंट और दुकानदारों को भी परेशानी हो सकती है।