फोटो संख्या:70- राजकीय महिला महाविद्यालय में खिलाड़ी को सम्मानित करते सहकारिता मंत्री डॉ. अरव
महेंद्रगढ़। सहकारिता विभाग महिलाओं की उन्नति, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए सदैव समर्पित है। महिला केवल परिवार की धुरी नहीं, बल्कि प्रदेश की प्रगति की दिशा और गति दोनों तय करने वाली शक्ति है। यह बात सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने शुक्रवार को राजकीय महिला महाविद्यालय में आयोजित महिला सहकार सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि कही।
प्रदेश में अब तक 154 ऐसे आउटलेट स्थापित किए जा चुके हैं, जहां महिलाएं डेयरी उत्पादों के वितरण, बिक्री और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। योजना ने हजारों महिलाओं को अपने छोटे–मोटे व्यवसाय स्थापित करने, उन्हें विस्तार देने और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का अवसर दिया है।
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि आज प्रदेश में 66 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं और इन समूहों की महिलाओं को 5 लाख रुपये तक के ऋण पर स्टांप शुल्क में छूट प्रदान की जा रही है। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह समर्पित है।
कार्यक्रम में महिला आयोग अध्यक्ष रेणु भाटिया ने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है व महिलाओं को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना समय की मांग है। इस अवसर पर उपाध्यक्ष सहकार भारती राजेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष सहकार भारती पारस शर्मा, प्रदेश महामंत्री सहकार भारती डॉ. सौरभ भीषम, प्रदेश महिला सह-प्रमुख तृप्ती श्योराण, एबीवीपी सदस्य इंदुबाला मौजूद रहे।