फोटो संख्या:82- मोदाश्रम शिव मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा में कथा सुनती महिला श्रद्धा
महेंद्रगढ़। मोदाश्रम प्राचीन शिव मंदिर में सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के चौथे दिन शिव विवाह की कथा सुनाई गई। वृंदावन से आए कथाव्यास योगी राज महाराज ने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का वर्णन कर भक्ति, तपस्या और समर्पण का संदेश दिया। पार्वती ने शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की जिससे प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें पत्नी स्वीकार किया। शिव की बारात कैलाश पर्वत से चली। शिव के अनोखे रूप से मैना चिंतित हुईं जिसके बाद शिव ने दिव्य रूप धारण कर विवाह संपन्न किया। कथावाचक ने शिव-पार्वती विवाह को प्रेम, विश्वास, त्याग और समर्पण का प्रतीक बताया। सती का अग्नि दहन और दक्ष के यज्ञ भंग की कथा भी सुनाई गई। मोदाश्रम मंदिर के प्रधान सुधीर दीवान ने बताया कि कथा 17 से 23 अगस्त तक चलेगी और 24 अगस्त को हवन से समाप्त होगी। संवाद