नारनौल। सुविधा के लिए बनाए गए रेलवे अंडरपास लोगों की परेशानी का कारण बने हुए हैं। शहर में बने सात अंडरपासों में बारिश का पानी भरा हुआ है। इससे वाहन चालकों गड्ढे नहीं दिखने से आए दिन हादसे होते रहते हैं।
इन सातों अंडरपास में पानी निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है जिससे बारिश का पानी यहां भर जाता है। प्रशासन भी तभी सुध लेता है जब आमजन को धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ता है। तब पंप सैट की मदद से पानी की निकासी कर दी जाती है। ऐसे में कुछ दिन तो सुकून से निकल जाते हैं लेकिन फिर हालात जस के तस हो जाते हैं।
शहर में पटीकरा, नागरिक अस्पताल के सामने बड़ा बाग, बहरोड़ रोड, सीआईए, महता चौक, बाबा खेतानाथ पॉलीटेक्निक व जोरासी बांध के पास कुल सात रेलवे अंडरपास मौजूद हैं। सभी के सभी आमजन को सुविधा कम परेशानी ज्यादा पहुंचा रहे हैं।
2024 में फंसी थी स्कूली बस
इस अंडरपास में साल 2024 अगस्त में एक निजी स्कूल की बच्चों से भरी बस बारिश के पानी में फंस कर खराब हो गई थी। इसमें कई घंटे फंसे रहने के बाद आमजन व प्रशासन की मदद से बच्चों व बस को बाहर निकाला गया था। इसके बावजूद भी प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
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शहर के सारे अंडरपास की हालत खराब है और सभी पानी का जमावड़ा रहता है। इससे कई बार तो दुपहिया वाहन सवार गिरकर घायल हो चुके हैं। प्रशासन को चाहिए कि आमजन को समस्या से निजात दिलाए।-बिशन सिंह यादव, आजाद चौक व्यापारी
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आमजन के धरना प्रदर्शन के बाद रेलवे प्रशासन की ओर सड़क से एक डेढ़ फुट ऊंची पगडंडी बनवाकर महज खानापूर्ति ही कर दी गई लेकिन जलभराव की समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं किया गया। -दयाराम सैनी निवासी किला रोड
वर्जन:
अंडरपास का यह भाग रेलवे प्रशासन के अधीन आता है और जलभराव के संबंध में समय समय पर रेलवे के अधिकारी को अवगत कराया जाता रहता है। इस प्रकार की समस्या है तो पुन: कहा जाएगा।-सोहन सिंह, एमई, नप, नारनौल