नारनौल। ग्रामीणों ने वाटर टैंक की खुदाई में ठेकेदार पर मनमर्जी करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने बताया कि नारनौल के गांव दोचाना की भूमि पर सीएचसी भवन के पीछे चार एकड़ में वाटर टैंक की खुदाई का कार्य किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार ने 40 से 50 पेड़ जड़ से उखाड़ फेंक दिए गए, जो वर्तमान में वहीं पड़े हुए हैं। इसके अतिरिक्त खुदाई के दौरान कुछ छोटे-छोटे पौधे भी मिट्टी में दबा दिए गए है। इसको लेकर ग्राम पंचायत की तरफ से सिंचाई विभाग को पत्र भी लिखा गया था, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। ठेकेदार अपनी मनमर्जी से कार्य कर रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की अस्पताल की सीमा में अधिक मिट्टी डालने से बरसात के दिनों में अस्पताल पानी में डूब सकती है। इस संबंध में पंचायत द्वारा 29 जनवरी को सिंचाई विभाग व वन विभाग के अधिकारियों को लिखित में सूचित कर दिया गया था। उसके बावजूद भी ठेकेदार अस्पताल की सीमा के अंदर ही लगातार मिट्टी डाल रहा है। ग्राम पंचायत की तरफ से कहा गया है कि भविष्य में गांव या अस्पताल में कोई बरसात के दिनों में अनहोनी घटना घटती है तो उसकी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग और ठेकेदार की होगी। ग्राम पंचायत के सरपंच मूलचंद, पंच सुरेंद्र सिंह, सुनीता देवी, ज्याेति देवी, माया देवी, पवन, मनोज व लालचंद ने मांग की है कि इस मिट्टी को उठाकर खुली जगह पर डाली जाए ताकि अनहोनी से बचा जा सके।