फोटो नंबर-10तालाब में जाता नालियों का गंदा पानी।
नारनौल। शहर के मोहल्ला पुरानी मंडी में स्थित ऐतिहासिक कानड़ दास का तालाब प्रशासन की अनदेखी के कारण बदहाली का शिकार है। नालियों के दूषित पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण तालाब में डाला जा रहा है। इसकी वजह से ऐतिहासिक तालाब में गंदा पानी जमा हो गया है। वहीं संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों ने इस बाबत कई बार मौखिक और लिखित शिकायत संबंधित विभाग में दी, मगर प्रशासन की तरफ से ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसको लेकर मोहल्लेवासी और पार्षद ने 12 जनवरी को डीएमसी को पत्र सौंपा था।
कानड़ दास तालाब शहर के प्राचीन तालाबों में से एक है, लेकिन अब गंदा पानी तालाब में डालने से दूषित वातावरण हो गया है। लोगों की मांग हैं कि तालाब की सफाई करके इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए ताकि इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाया जा सके।
नालियों का दूषित पानी तालाब में डाला जा रहा है, जिसके कारण तालाब में गंदा पानी जमा हो गया है। तालाब के आस-पास के क्षेत्र में दुर्गंधमय वातावरण बना रहता है।
रामसिंह यादव, स्थानीय निवासी।
हमारी मांग हैं कि इस तालाब की सफाई करके इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
कर्मवीर यादव, स्थानीय निवासी
तालाब के आस-पास सड़क जर्जर हालात में है और नालियां कच्ची बनी हुई हैं। उचित निकासी नहीं होने के कारण नालियों का पानी तालाब में डाला जा रहा है।
विशाल सैनी, पार्षद वार्ड नंबर 16