फोटो 11निर्माणाधीन दो सौ बेड अस्पताल के बेसमेंट में भरा पानी।संवाद
नारनौल। नारनौल में तैयार होने वाला 200 बेड के अस्पताल की नींव को सीवर का पानी कमजोर कर रहा है। निर्माण कार्य के लिए दोबारा से टेंडर भी जारी नहीं हुआ है। जहां तक भवन का निर्माण हुआ है वह भी जलमग्न है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को पत्र भी लिखा था।
पीडब्ल्यूडी की तरफ से नई सीवर लाइन भी डाली गई थी ताकि बेसमेंट में जलभराव की समस्या से निजात मिल सके। इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। अब पीडब्ल्यूडी की तरफ से दोबारा लाइन की जांच की जाएगी ताकि लीकेज के बारे में पता चल सके।
भवन का करीब 24 प्रतिशत कार्य पूरा
अस्पताल भवन के निर्माण की घोषणा 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने की थी और 2021 में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। इसके बाद से निर्माण कार्य में तेजी नहीं आई और आखिरकार एजेंसी का टेंडर रद्द करना पड़ा। भवन के निर्माण के लिए करीब 45.10 करोड़ रुपये टेंडर छोड़ा गया था। अब फिर से टेंडर छोड़े जाने की तैयारी चल रही है। अधूरा पड़ा भवन का करीब 24 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है।
वर्जन
दो सौ बेड अस्पताल के निर्माण के लिए दोबारा से टेंडर लगाया जाएगा। इसको लेकर प्रक्रिया चल रही है। वहीं बेसमेंट में जलभराव से निजात दिलाने के लिए नई सीवर लाइन भी डाली गई थी। अब इसकी जांच करवाई जाएगी ताकि जलभराव के बारे में पता चल सके।
जितेंद्र कुमार, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग।
वर्जन
निर्माणाधीन भवन के बेसमेंट में अभी पानी भरा हुआ है। इसको लेकर पहले पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग को अवगत करवाया गया था। हाल ही में नई सीवर लाइन भी डाली गई थी लेकिन फिर भी पानी भरा हुआ है। फिर से विभाग को अवगत करवाया जाएगा।
डॉ. दिनेश कुमार, उप सिविल सर्जन नारनौल।