शहर में निर्माणाधीन छलक नाला। संवाद
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शहर के बीचोंबीच से गुजर रहे छलक नाले का अधूरा निर्माण आमजन के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। क्योंकि अधूरे निर्माण के चलते आए दिन कोई न कोई हादसे के शिकार हो रहे हैं। नवंबर में एक कार नाले में गिर गई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके बाद भी अभी तक निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पाया है। जबकि संबंधित अधिकारी भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे लोगों में विभाग के प्रति भारी रोष बना हुआ है। करीब दो से इस नाले का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन नाले का अभी तक 40 प्रतिशत कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है।
बता दें कि कुलताजपुर रोड से रेवाड़ी रोड तक करीब 4-5 किलोमीटर तक फैला नाला शहर के बीचोंबीच से गुजर रहा है। एक जमाने में यह छलक नदी हुआ करती थी। यहां बरसात के मौसम में बारिश का पानी बहता था, लेकिन समय के साथ इस छलक नदी ने छलक नाले का रूप ले लिया है, क्योंकि इसके दोनों तरफ काफी रिहायश हो चुकी है। इस कारण छलक नदी सिकुड़ कर नाला बन गई है। जिसे काफी वर्ष पूर्व नाले के रूप में बनाया गया थी। जिसकी जर्जर हालत को देखते हुए जनप्रतिनिधियों की मांग पर वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसका जीर्णोद्धार करने की घोषणा की थी। जिसके लिए करोड़ों रुपये का बजट भी निर्धारित किया था। 2019 में जयपुर की एक कंपनी को इसके निर्माण कार्य सौंपा गया था, लेकिन कार्य कछुआ गति से चलने के कारण अभी तक छलक नाले का निर्माण कार्य 40 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। जबकि बारिश के दौरान तो इसका कार्य पूरी तहर से बंद कर दिया गया था। इस प्रकार आधे-अधूरे निर्माण से लोगों से भारी परेशानी हो रही है।
छलक नाले के दोनों ओर बननी है सड़क व पार्क
वर्तमान में नगर परिषद द्वारा जारी किए गए छलक नाले के लेटआउट के हिसाब से छलक नाले के दोनों तरफ पक्की सड़क व पार्क बनाया जाना है। इसके अलावा नाले के दोनों ओर सुरक्षा के लिए लोहे की ग्रिल भी लगाई जानी है। खाली जगह पर पार्क के साथ शौचालय का निर्माण किया जाना है। सड़क पर फुटपाथ व स्ट्रीट लाइटें भी लगेगी। मगर दो साल में छलक नाले का आधा कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है। इससे आस-पास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
बरसाती नदी बन गई छलक नाला
एक समय में शहर के बीचोंबीच से बरसाती पानी के लिए छलक नदी गुजरती थी। जिसकी लंबाई व चौड़ाई काफी अधिक थी। लेकिन छलक नदी के दोनों तरफ लोगों ने काफी रिहायश कर ली है। जिससे इस छलक नदी ने छलक नाले का रूप ले लिया है। स्थानीय लोगों ने नाले के निर्माण अनियमितताएं बरतने की भी बात कही है, क्योंकि छलक नाला के निर्माण में कही चौड़ा तो कई कम चौड़ा बनाया जा रहा है। छलक नाले के निर्माण के दौरान ही एक दीवार टूट गई थी।