जाट आरक्षण से हमें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन ओबीसी कोटे से कोई छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। अगर ओबीसी कोटे से जो छेड़छाड़ की गई है उसे सही नहीं किया गया तो आने वाले समय में हरियाणा बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन किया जाएगा। यह बात कांग्रेसी नेता कैप्टन अजय सिंह यादव ने यादव धर्मशाला में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों की अगुुवाई के लिए वे आगे आए हैं, अगर 29 मई को जंतर-मंतर पर होने वाला धरना फेल हुआ तो इसकी जिम्मेदारी समाज की होगी। वहीं उन्होंने कहा कि समाज के हितों की रक्षा के लिए हरियाणा बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया है, जिसके वे संरक्षक हैं।
उन्होंने कहा कि फरवरी माह में हुई दंगों की जांच सीबीआई से हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के किसी सीटिंग जज से करवाई जानी चाहिए, वे प्रकाश कमेेटी की रिपोर्ट को सही नहीं मानते हैं। यादव ने कहा कि दंगों को लेकर यशपाल मलिक व हवासिंह सांगवान की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए और सरकार को इन दोनों नेताओं से कोई वार्ता नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार क्यों मुरथल में महिलाओं की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों और प्रदेश को लूटने वालों से बात कर रही है, उन्हें समझ नहीं आ रहा है।
सोमवार को दायर करेंगे याचिका
जिस गुप्ता आयोग की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए जाटों समेत पांच जातियों को आरक्षण दिया गया है, उस आयोग की रिपोर्ट को चैलेंज करने के लिए सोमवार को वे हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के हितों की रक्षा के लिए वे हमेशा तैयार रहेंगे। 29 मई को वे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री को ज्ञापन देंगे।