नारनौल। मैदानी राज्यों में सक्रिय जेट स्ट्रीम से ठंड का प्रभाव लगातार बना हुआ है। हवा का रुख उत्तरी होने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहीं संघन कोहरे का भी असर देखने को मिल रहा है। इससे जिला महेंद्रगढ़ के रात्रि तापमान एकल संख्या में बने हुए हैं। वीरवार को लगातार तीसरे दिन नारनौल का रात्रि तापमान 6 डिग्री सेल्सियस पर बना रहा। वहीं महेंद्रगढ़ रात्रि का तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया तो अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार को भी सुबह के दौरान संघन कोहरा छाया रहा। इस कारण वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा रहा।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पिछले एक महीने से कड़ाके की ठंड का प्रचंड रूप देखने को मिल रहे हैं। उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्र में 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर वेस्टर्न जेट स्ट्रीम (जेट धाराओं) सक्रिय हैं जो 200 से 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही हैं। इसके साथ उत्तरी बर्फीली हवाएं और बीच-बीच में दक्षिणी पूर्वी और दक्षिणी पश्चिमी नमी हवाएं चलने से कोहरा, कोल्ड डे और कोल्ड वेब की स्थिति बनी हुई है। इन सभी मौसमी गतिविधियों से जिला सहित एनसीआर दिल्ली में हाड़ कंपा देने वाली कड़ाके की ठंड लगातार बनी हुई है। इससे रात्रि और दिन के तापमान में गिरावट जारी है। मंगलवार को जिला में नारनौल और महेंद्रगढ़ का रात्रि तापमान क्रमश: 6.0 डिग्री सेल्सियस और 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
फरवरी के शुरुआत में बूंदाबांदी की संभावना
मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि हरियाणा एनसीआर दिल्ली और जिला पर लगातार वायुमंडल के ऊपरी और और निचले स्तर पर कोहरा छाया रहने से संपूर्ण इलाके में शीत दिवस और कुछ स्थानों पर गंभीर शीत दिवस की स्थिति बनी हुई है। कोहरे की दृश्यता 10-20 मीटर होने से संपूर्ण इलाके में रफ्तार से ब्रेक लगा हुआ है। जिस कारण वाहन रेंगने पर मजबूर हैं। आने वाले दिनों में लगातार चार पश्चिमी विक्षोभ 25, 27, 30 जनवरी और 2 फरवरी सक्रिय होने से इलाके में मौसम बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव व बादलवाही भी देखने को मिलेगी। 2-3 फरवरी के दौरान गरज चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी की गतिविधियों की संभावना बन रही है।