मंडी अटेली। जिला उपायुक्त की ओर से उनिंदा के सरपंच शीशपाल को सस्पेंड के आदेश पर गुरुग्राम के कमिश्नर ने रोक लगा दी है। सरपंच पर आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत की भूमि पट्टे पर लेकर बेच दी थी और चुनाव लड़ने के समय नामांकन पत्र में उपरोक्त तथ्य छुपाए थे।
सरपंच शीशपाल ने कहा कि गांव के कुछ लोग उसकी लोकप्रियता के चलते निराधार आरोप लगा कर उसकी छवि खराब करना चाहते है। सरपंच ने बताया कि कमिश्नर के आदेश में उपायुक्त ने सभी तथ्यों पर ध्यान ना देकर गलत आदेश पारित करते हुए अपीलार्थी सरपंच को निलंबित किया था जो कि गलत है।
अपीलार्थी सरपंच को विवादग्रस्त 23 कनाल 11 मरला भूमि के बाबत पट्टे पर होने व बेचने के कारण और नामांकन पत्र में सूचना छुपाने पर निलंबित किया था। अध्ययन करने पर पाया गया कि उक्त आदेश में भूमि को शामलात देह में वेस्ट होना नहीं बताया है और इसलिए इस प्रकरण में उपायुक्त के आदेश पर 9 अक्तूबर के क्रियान्वयन पर आगामी आदेशों तक रोक लगाई जाती है।
सरपंच शीशपाल ने बताया कि गांव में गरीब व जरूरतमंद की सहायता जारी रहेगी। कुछ लोग अडंगा डाल कर विकास कार्यो में व्यवधान डालना चाहते है। बता दें कि शीशपाल से पहले उसके भाई, माता व दादा भी सरपंच रह चुके हैं। अटेली खंड के एसईपीओ पूर्ण सिंह ने बताया कि जिला उपायुक्त के निर्णय पर कमीश्नर ने रोक लगा दी है।