नारनौल। सीएम फ्लाइंग की टीम ने बुधवार को नगर परिषद कार्यालय में छापा मारा। इस दौरान 22 अधिकारी व कर्मचारी गैर हाजिर मिले। टीम ने रिकार्ड भी कब्जे में लिया है। सीएम फ्लाइंग की टीम सुबह 9 बजे जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट आरसी गौड़ के नेतृत्व में नगर परिषद कार्यालय पहुंची।
टीम में उप निरीक्षक दयानंद, सहायक उप निरीक्षक सचिन कुमार मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रेवाडी तथा गुप्तचर इकाई नारनौल से सहायक उप निरीक्षक संदीप, मुख्य सिपाही अनिल कुमार, सिपाही संजय कुमार शामिल रहे। सुबह 9 बजकर मिनट पर टीम ऑडिट शाखा में पहुंची। यहां आरएओ मधु हाजिरी रजिस्टर के अनुसार अनुपस्थित पाई गई। इसके बाद 9.30 बजे टीम न टेक्निकल ब्रांच को चैक किया, जहां प्रवीन जेई, विकास शर्मा जेई अनुपस्थित पाए गए। इसके बाद कंप्यूटर ब्रांच को चैक करने पर रवि कुमार, प्रवीन कुमार, विकास यादव, संजय कुमार व प्रियंका ये सभी कंप्यूटर ऑपरेटर अनुपस्थित मिले। इसके बाद मेन रजिस्टर को चैक किया गया तो हाजिरी रजिस्टर के अनुसार दीपक सैनी लिपिक, सुरेश कुमार लिपिक, ज्योति लिपिक, वर्षा शर्मा लिपिक, सुनील कुमार लिपिक, अमित कुमार लिपिक, कृष्ण कांत लिपिक, योगेंद्र लिपिक, लव कुमार लिपिक, नरेंद्र कुमार लिपिक, संजीव लिपिक, राधेश्याम बेलदार व भंवर सिंह चपरासी अनुपस्थित मिले। हालांकि लिपिकों ने आज हड़ताल की हुई थी। नगर परिषद में कुल 52 अधिकारी व कर्मचारी है जिसमें से 22 अनुपस्थित मिले। इस दौरान सीएम फ्लाइंग ने लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को जाना। इस दौरान शुभराम ने बताया कि वह प्राॅपर्टी आईडी बनवाने आया था लेकिन तीन-चार माह से उसकी आईडी नहीं बन रही। कमेटी कर्मचारियों ने परेशान करके रख दिया है।
एनडीसी की फाइल भी मिली पेंडिंग
इसके अलावा टीम ने कार्यालय में एनडीसी कार्य को चैक किया गया तो पवन कुमार जेई के पास 17 एनडीसी आपत्ति के कारण पेंडिंग मिली व 180 एनडीसी पूर्ण रूप से पेंडिंग पाई गई। इस बारे पवन कुमार जेई द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। उसने कार्य की अधिकता के कारण पेंडिंग होना बताया है।
प्रॉपर्टी आईडी व अतिक्रमण के केस भी पेंडिंग
इसके बाद टीम ने प्रॉपर्टी आईडी का पोर्टल का निरीक्षण किया तो सुरेश कुमार लिपिक के पास 7 प्रॉपर्टी आईडी पेंडिंग पाई गई है। अतिक्रमण शिकायत रजिस्टर चैक किया तो उसमें मई व जून माह की कुल 19 शिकायत पाई गई, जो सभी पेंडिंग है। इनके बारे में अभी तक कोई नोटिस जारी नहीं मिला।
लॉग बुक में हस्ताक्षर व मोहर तक लगी नहीं मिली
इसके अलावा टीम ने जेसीबी मशीन नंबर एचआर 35 आर-7665 व ट्रैक्टर नंबर एचआर 35 एल-2347 की लॉग बुक को चैक किया गया तो जेसीबी की लॉग बुक 14 अप्रैल 2023 तक का इंद्राज किया हुआ है। फरवरी 2023 के बाद किसी अधिकारी के लॉग बुक में हस्ताक्षर व मोहर भी नहीं मिले। उक्त ट्रैक्टर की लॉग बुक में 8 जून 2023 तक ही इंद्राज किया हुआ है और जनवरी 2023 के बाद किसी भी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं मिले। ट्रैक्टर की लॉग बुक में 24 मई 2023 से 8 जून 2023 तक तेल व किलोमीटर भी नहीं लिखे गए थे।