फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वच्छ सर्वेक्षण पूरा ,कचरा निस्तारण केंद्र,शौचालय, डस्टबिन की केटेगरी में कटेंगे अंक

विज्ञापन
विज्ञापन
शहर से प्रतिदिन 10 से 12 टन कचरा निकलता है। इसके बावजूद कचरे के निस्तारण के लिए शहर में ठोस कचरा निस्तारण केंद्र नहीं है। कचरे को शहर के बाहरी हिस्से में खुले में ही डाला जाता है। स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए आई टीम ने कचरा निस्तारण केंद्र के बारे में जानकारी ली तो नगरपालिका के अधिकारी जवाब नहीं दे पाए। टीम ने शहर में कचरा निस्तारण केंद्र न होने पर इस श्रेणी में शून्य अंक दिए हैं। इसके साथ ही बाजारों में डस्टबिन न होने, शौचालय न होने पर भी अंक कटेंगे। नगर में एक भी महिला शौचालय नहीं मिलने पर इस श्रेणी में अंक मिलने की उम्मीद नहीं है।
विज्ञापन

स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के लिए पहुंची टीम ने निरीक्षण पूरा करते हुए अपनी रिपोर्ट भेज दी है। टीम ने नगर के बाजारों के अलावा कचरा डालने की व्यवस्था को परखा। इसके बाद शहर से निकलने वाले कचरे के बारे में ब्योरा लिया। नपा अधिकारियों ने बताया कि शहर के 15 वार्डों में लगभग 35 हजार लोग रहते हैं। शहर में रोजाना 10 से 12 टन कचरा निकलता है। कचरे के उठान के लिए एक छोटा ट्रैक्टर, तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली, दो ऊंट गाड़ी लगा रखे हैं। जो दिन मेें शहर के विभिन्न बाजारों एवं मोहल्लों से कचरा उठाते हैं। नगरपालिका कर्मचारी देवीलाल पार्क के पास किले के साथ लगती जमीन और मोदाश्रम से देवास रोड पर खुले में कचरे को डाल देते हैं। जिस कारण इन दोनों जगह पर कचरे का ढेर जमा हो रहा है। सर्वेक्षण में कचरा निस्तारण प्लांट के अलग से नंबर दिए जाते हैं। इन नंबरों से रैंकिंग में काफी प्रभाव पड़ता है। इस श्रेणी में महेंद्रगढ़ को शून्य अंक मिलने की आशंका है। टीम को सर्वे के समय शहर में डस्टबिन भी नहीं मिले। इसके अलावा शौचालयों की हालत भी बेहद खराब पाई गई। पूरे शहर में कहीं पर भी महिला शौचालय नहीं मिला था। स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम ने अपनी रिपोर्ट स्वच्छ भारत मिशन के पोर्टल पर डाल दी है। शौचालयों, डस्टबिन, खुले में डाले गए कचरे, खुली बहने वाली नालियों के फोटो पोर्टल पर डाले गए हैं।
नगरपालिका के पास नहीं कोई विकल्प
शहर में ठोस कचरा निस्तारण का कोई स्थायी उपाय नहीं है। बड़े शहरों के अलावा गांवों में भी कचरे को अलग-अलग किया जाता है। जिसमें गीले कचरे को खाद में बदला जाता है। भवन निर्माण से निकली सामग्री को दोबारा से उपयोग में लाने के लायक बनाया जाता है। स्वच्छ सर्वेक्षण में इसके लिए अलग से अंक तय किए गए हैं।
विज्ञापन

वर्जन
महेंद्रगढ़ और कनीना का ठोस कचरा निस्तारण केंद्र महेंद्रगढ़-कनीना के बीच बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए जल्द ही मीटिंग बुलाकर प्रस्ताव पास किया जाएगा। प्रस्ताव को शहरी स्थानीय निकाय के उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
विज्ञापन

रमेश बोहरा, कार्यवाहक चेयरमैन, नगरपालिका, महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें