फोटो नंबर-10नशा मुक्ति केंद्र निरीक्षण करती सीजेएम नीलम कुमारी। स्रोत: प्रशासन
नारनौल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की चेयरपर्सन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. रितु वाई.के. बहल के निर्देश पर डीएलएसए की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने सोमवार को शहर के विभिन्न संस्थानों का औचक निरीक्षण किया।
उन्होंने पुलिस लाइन स्थित सेफ हाउस, नागरिक अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र तथा सिंघाना रोड स्थित माधव नशा मुक्ति केंद्र का जायजा लिया।
सेफ हाउस के निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, रहने की सुविधाओं और अन्य बुनियादी जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने तथा वहां रहने वाले लोगों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
इसके बाद सीजेएम ने दोनों नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर उपचार, काउंसिलिंग और भोजन की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों और केंद्र संचालकों को मरीजों के साथ संवेदनशील एवं मानवीय व्यवहार करने तथा नशे की लत से बाहर निकालने के लिए प्रभावी काउंसिलिंग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
नीलम कुमारी ने कहा कि नशे की समस्या केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करती, बल्कि इससे परिवार और समाज भी प्रभावित होते हैं। नशे से मुक्ति के लिए उपचार के साथ परिवार का सहयोग और सही मार्गदर्शन जरूरी है। उन्होंने नशा मुक्ति तथा कानूनी सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी।
उन्होंने बताया कि जरूरतमंद लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि संस्थानों में सुरक्षा, सुविधाओं और देखभाल की व्यवस्था बेहतर बनाना निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य है। डीएलएसए जरूरतमंद लोगों को न्याय और आवश्यक सहायता दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।