जिले में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को शाम चार बजे एक्यूआई का स्तर 380 रहा। जबकि, मंगलवार की शाम चार बजे तक एक्यूआई 322 था। जिले के सरकारी अस्पतालों में अस्थमा के मरीजों की ओपीडी करीब 450 रही। बता दें कि हवा में पीएम 2.5 का स्तर 301 से 400 को बहुत खराब श्रेणी में माना जाता है।
प्रदेश के अन्य जिलों में पराली जलाने के कारण वायु प्रदूषण का स्तर एक बार फिर से गंभीर होने लगा है। ऐसे में बुधवार दिनभर पर प्रदूषण के कारण धुंध होने होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बुधवार को शाम चार बजे पीएम 2.5 का औसतन स्तर 380 रहा। जबकि, इस दौरान पीएम 10 का औसतन स्तर 278 रहा। पीएम 10 का न्यूनतम स्तर 169 व अधिकतम 434 के स्तर रहा। जबकि, 10 नवंबर को एक्यूआई का स्तर नारनौल में 152 था, जो बढ़कर 13 नवंबर तक 380 के स्तर पर पहुंच गया। 13 नवंबर को शाम चार बजे रेवाड़ी के धारूहेड़ा का एक्यूआई 430 व मानेसर (गुरुग्राम) का एक्यूआई 428 रहा। दीपावली पर हुई आतिशबाजी के बाद से वायु प्रदूूषण खराब चल रहा है। बीच में बारिश होने से वायु प्रदूषण का स्तर कम होने के कारण लोगों को कुछ राहत मिली थी।
डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि इस मौसम में अस्थमा के मरीज बढ़ जाते हैं। सभी अस्पतालों में इसे लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। सरकारी अस्पतालों में अस्थमा के मरीजों के लिए दवाईयां व नेबुलाइजर मशीन ठीक करने की हिदायत दी गई है। उन्होंने बताया कि अस्थमा के मरीजों की ओपीडी जिले में करीब 450 रही। वहीं, जिला नागरिक अस्पताल के डॉ. सुरेंद्र मित्तल ने बताया कि प्रदूषण को देखते हुए सावधानी बरते। इसमें खासकर सांस व हार्ट के मरीज है।
संभावित मौसम
हकृवि हिसार के अनुसार हवा में बदलाव का कारण उत्तर पश्चिमी हवा से पूर्वी हवाएं होने, वातावरण में नमी और सामान्य से कम तापमान होने के कारण ज्यादातर स्थानों पर धुंध भरा मौसम स्मॉग हो गया। 14 और 15 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण ज्यादातर स्थानों पर आंशिक बादल व हल्की से मध्यम गति से हवा चलने की संभावना है।
नारनौल से मानेसर तक का जानें प्रदूषण का स्तर
नारनौल का प्रदूषण का स्तर (पीएम-2.5)
दिनांक औसतन न्यूनतम अधिकतम
13 नवंबर 380 274 416
12 नवंबर 315 94 500
11 नवंबर 207 92 193
10 नवंबर 153 86 129
धारूहेड़ा
दिनांक औसतन न्यूनतम अधिकतम
13 नवंबर 430 401 416
12 नवंबर 354 275 484
11 नवंबर 275 3 343
10 नवंबर 256 126 309
मानेसर
दिनांक औसतन न्यूनतम अधिकतम
13 नवंबर 428 343 500
12 नवंबर 356 163 292
11 नवंबर 325 265 415
10 नवंबर 224 72 314
इस मौसम में अस्थमा के मरीज बढ़ जाते हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में इसे लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। सरकारी अस्पतालों में अस्थमा के मरीजों के लिए दवाइयां व नेबुलाइजर मशीन उपलब्ध है। अस्थमा के मरीजों की नागरिक अस्पताल में रोजाना ओपीडी करीब 450 तक रहती है।
- डॉ. अशोक कुमार, डिप्टी सीएमओ नारनौल।