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बारदाना खत्म होने के कारण नहीं हो सकी खरीद, दिनभर परेशान रहे किसान

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अनाज मंडी में बारदाना खत्म होने के कारण बाजरे की तुलाई नहीं हो पा रहा। दिन भर बारदाना नहीं आ सका। किसानों को देर रात तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। देर शाम हैफेड न 85 गांठ बारदाना उधार लिया। शाम के समय तुलाई शुरू हो सकी।
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अनाज मंडी में पिछले दस दिन से बाजरा की खरीद हो रही है। बाजरा उठान नहीं होने से किसानों को दिक्कत आ रही थी। वीरवार को बारदाना खत्म हो गया। जिस कारण वीरवार को बाजरा बेचने आए किसानों की तुलाई नहीं हो सकी। किसानों को दिन भर इंतजार करना पड़ा। किसान अपनी फसल की तुलाई कराने के लिए चक्कर लगाते रहे। खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने हैफेड से बारदाना उधार लिया। शाम के समय बारदाना अनाज मंडी पहुंचा, जिसके बाद करीब छह बजे तुलाई शुरू हो सकी। किसान रात नौ बजे तक अपने घर पहुंचे। मंडी मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग का 52 हजार क्विंटल बाजरा खरीद का लक्ष्य था। यह लक्ष्य पूरा हो चुका है।अब बाजरा की खरीद हैफेड की ओर से की जाएगी। शुक्रवार से हैफेड बाजरा खरीद शुरू करेगा। मंडी मार्केट कमेटी ने खरीद की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
नहीं हो रहा उठान
मंडी में करीब 52 हजार क्विंटल बाजरा की खरीद हो चुकी है, जिसमें से अब तक केवल 30 हजार क्विंटल का उठान हो सका है। लगभग 22 हजार क्विंटल बाजरा मंडी में ही पड़ा है। मंडी में बाजरा डालने के लिए प्लेटफार्म पर जगह कम है। ऐसे में उठान न होने से किसानों को बाजरा डालने में दिक्कत हो रही है। आढ़तियों ने अपनी समस्या सुुनाते हुए कहा कि बोरियों को नहीं हटाए जाने के कारण समस्या है। अगर दो दिन में पूरा उठान नहीं हुआ तो बाजरा डालने के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। महेंद्रगढ़ जिले का बाजरा सोनीपत जिले के खरखौदा भेजा जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से चार अक्तूबर को निर्देश आ गए थे। कुछ बाजरा फरीदाबाद में भेजा जाना है। बचा हुआ बाजरा महेंद्रगढ़ के गोदामों में ही रहेगा। जिसे पीडीएस सिस्टम के जरिए लोगों में वितरित किया जाएगा।
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क्या बोले किसान
बारदाना नहीं होने के कारण हमें दिक्कत आई। हमारा बाजरा सुबह ही बिक गया था। शाम तक बारदाना नहीं आया। जिस कारण काम छोड़कर दिन भी यहां रहना पड़ा। इस समय कपास की चुगाई चल रही है। किसानों को खेत में समय देना होता है।
- जयनारायण, गांव बेरी
मंडी में उठान नहीं हो रहा। हमें बाजरा डालने के लिए खुद बोरियों को सरकाना पड़ा। किसानों को बोरियां इधर-उधर डालकर अपने लिए जगह बनानी पड़ रही है। वीरवार को बारदाना नहीं होने के कारण किसान दिन भर चक्कर लगाते रहे। बारदाना उपलब्ध कराया जाए।
- अनिल, रिवासा
आज बाजरा बेचने के लिए आया था। मंडी में जगह नहीं होने के कारण दिन भर ट्रैक्टर लेकर खड़ा रहा। जिस कारण मुझे ट्रैक्टर का एक दिन का किराया अतिरिक्त देना पड़ा। बारदाना भी मंडी में उपलब्ध नहीं है। सरकार को पूरा बारदाना भेजना चाहिए।
- राधेश्याम, बवानिया
वीरवार को बारदाना की कुछ दिक्कत आई। अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया गया था। देर शाम बारदाना आ गया है, जिसके बाद तुलाई का काम शुरू कराया गया है। उठान के लिए बार बार एजेंसियों को पत्र लिख रहे हैं।
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- नुकुल यादव, सचिव मार्केट कमेटी, महेंद्रगढ़
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