फोटो नंबर-22नप द्वारा दो महीने पहले ठीक करवाए गए शौचालय का टूट पड़ा वॉश बेसिन व टोंटी। संवाद
- फोटो : भवनी गांव में सियार को पकड़ने के लिए ग्रामीणों संग जाल बिछाते वनकर्मी।
नारनौल। शहर में केवल नाम के 20 सार्वजनिक शौचालय बने हैं। उनकी स्थिति इतनी बदहाल है कि उनके अंदर तक जाना मुश्किल है। इससे इनके आसपास का वातावरण भी प्रदूषित रहता है। नगर परिषद इनके रखरखाव को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बना सकी है जिसके कारण इनकी स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है।
शहर में लंबे समय से बदहाल पड़े जनसुविधा स्थलों के सुधारीकरण के लिए नप ने दो महीने पहले ही करीब 15 लाख रुपये की राशि खर्च कर 18 जनसुविधा स्थलों का सुधारीकरण किया था जिसके तहत इनमें टॉयलेट सीटें, वॉश बेसिन, यूरिनल, पानी की टंकियां, नल और फ्लश सिस्टम ठीक किए गए ताकि शौचालय एक बार फिर से आमजन के उपयोग करने योग्य बन सकें।
इनके सुधारीकरण के लिए सितंबर से कार्य शुरू किया गया था जिसमें से अधिकांश जनसुविधा स्थलों का कार्य पूर्ण हो चुका है लेकिन अब इनमें से अधिकांश स्थानों पर या तो नल टूट चुके हैं या पूरी तरह गायब हैं। कुछ जगहों पर असामाजिक तत्वों द्वारा वॉश बेसिन, यूरिनल, टोंटी व फ्लश को क्षतिग्रस्त कर दिए गए हैं।
कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं
शहर में बनाए गए जनसुविधा स्थलों के लिए सफाई कर्मचारी व चौकीदार की नियुक्ति करनी चाहिए, ताकि इनकी देखभाल व साफ-सफाई हो सके। मगर शहर में परिषद के किसी भी जनसुविधा स्थल पर सफाई कर्मचारी या चौकीदार की नियुक्ति नहीं की गई है। यहीं नहीं सुविधा स्थलों की नियमित साफ-सफाई भी नहीं होती है।
वर्जन-
शहर के सभी शौचालयों का निरीक्षण किया जा रहा है। सभी शौचालयों को ठीक करवा कर इनके रख-रखाव की व्यवस्था की जाएगी।-सतेंद्र कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद नारनौल