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शहर में बढ़ रहा मच्छरों का प्रकोप

Sat, 24 Sep 2016 11:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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platelets, dengue - फोटो : Demo Pic
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शहर व आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों चिकनगुनिया, वायरल व अन्य मच्छर जनित बीमारियों का कहर मचा हुआ है। नागरिक अस्पताल सहित जिले के प्राइवेट अस्पताल भी रोगियों से खचाखच भरे हुए हैं। वहीं प्रशासन द्वारा मच्छरों को पैदा होने से रोकने के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किये जा रहे हैं। जिसके कारण मच्छरों की फौज दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि इन मच्छरों को रोकने के लिए शहर के बीचोबीच जा रहे बड़े गंदे नाले व नालियों में दवाईयों का छिड़काव होना चाहिए, लेकिन अभी तक नगर परिषद प्रशासन द्वारा दवाईयों का छिड़काव नहीं करने के कारण मच्छर पैदा हो रहे हैं।
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-नप की बैठक में हुआ था हंगामा
शहर में पैदा हो रहे मच्छरों को देखते हुए नप के उपप्रधान मनोज जांगड़ा ने 15 सितंबर को आयोजित नप की पहली बैठक में मुख्य सफाई निरीक्षक से शहर में फॉगिंग व मच्छरों को मारने की दवा छिड़काव के बारे में जानकारी मांगी थी। जिसके बाद नप की बैठक में दोनों के बीच हंगामा भी हो गया था। बैठक में सीएसआई मोहनलाल भारद्वाज ने शहर में दवा छिड़काव के बारे में कहा था। उस समय उन्होंने पार्षदों को विश्वास दिलाया था कि जल्दी ही वे पूरे शहर के नाले-नालियों में मच्छर पैदा न होने व मच्छरों को मारने के लिए दवाई का छिड़काव करा देंगे, लेकिन बैठक के 10 दिन बाद भी कहीं भी दवा का छिड़काव नहीं किया गया है। इससे लोगों में रोष है।

-गंदगी के लगे ढेर, पानी की निकासी नहीं
शहर में बरसाती व गंदे पानी की निकासी के लिए बनाये गये बड़े गंदे नाला में जगह-जगह ढेर लगे हुए हैं। जिसके कारण नाले का पानी आगे निकलने की बजाए कई जगह जमा हो गया है। इससे नाले के आसपास रहने वाले लोगों का बुरा हाल है। ऐसे में नाले में खड़े गंदे पानी के कारण इसमें मच्छरों की भी भरमार हो गई है।
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-एक दशक पूर्व हुआ था इस नाले का निर्माण
बरसाती व शहर के गंदे पानी की निकासी के लिए शहर के बीचोंबीच करीब एक दशक पूर्व गंदे नाले का निर्माण किया गया था। इससे पूर्व यहां पर छलक नदी बहती थी। जिस पर लोगों ने अतिक्रमण भी कर लिया था। 1996 में शहर में आई बाढ़ के बाद नगर परिषद द्वारा इस नाले का निर्माण कराया गया था। इस नाले के निर्माण के समय छलक नदी के बीच बने मकानों को भी भारी संख्या में हटाया गया था। यह नाला शहर के पश्चिम में निजामपुर रोड के पास मोहल्ला सलामपुरा से शुरू होकर मोहल्ला महल, मिश्रवाड़ा, गस्तीवाड़ा, पुल बाजार, चांदुवाड़ा, शनि मंदिर, रामानंद,  राधेश्याम धर्मशाला, पुलिस लाइन व गोशाला रोड के साथ से होता हुआ रेवाड़ी रोड पर कैलाश नगर में जाकर समाप्त होता है।  

बड़े नाले की सफाई न होने के कारण यह गंदगी के ढेरों से अट भी गया है। जिसकी वजह से इसका पानी आगे जाने की बजाए नाले  में ही जमा हो जाता है। रुके हुए पानी में मच्छर पैदा होने शुरू हो गए हैं। इसके लिए प्रशासन को यहां नाले में दवाईयों का छिड़काव करना चाहिए।
----विनय  कुमार
नाले से उठने वाली बदबू व मच्छरों से परेशान हैं। यदि नाले का यही हाल रहा तो यहां मच्छर ज्यादा हो जाएंगे। जिससे बीमारियां फैलेंगी। इसमें दवा आदि का भी कोई छिड़काव नहीं किया गया है।
---रविंद्र
शहर में नालों व नालियों में दवा का छिड़काव किया जा रहा है। सरकारी अस्पताल से दवाई मिलती है, जिसका छिड़काव किया जा रहा है। फॉॅगिंग भी शहर के अनेक हिस्सों में करा दी गई है। जहां पर फॉगिंग नहीं हुई, वहां जल्द फॉगिंग करा दी जाएगी। वहीं दवाई का छिड़काव रोज किया जा रहा है।
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----भारती सैनी, नगर परिषद प्रधान, नारनौल
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