उपमंडल के गांव भोजावास निवासी नेताजी सुभाषचंद्र बोस का साथ देने व ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लड़ने वाले चुन्नीलाल का निधन हो गया। रविदास समाज के गौरव चुन्नीलाल के देहांत पर सूरजभान कटारिया ने शोक व्यक्त किया है। चमार रेजिमेंट के आखिरी जीवित सिपाही चुन्नीलाल का 23 नवंबर को 106 वर्ष की उम्र में देहांत हो गया। गांव भोजावास में अंतिम संस्कार में गुरु रविदास विश्व महापीठ के हरियाणा प्रदेश सचिव चौधरी रामनिवास खेड़ी मौजूद रहे।
उन्होंने श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय प्रधान संगठन मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सदस्य सूरजभान कटारिया की तरफ से पुष्पांजलि कर सिपाही चुन्नीलाल को श्रद्धांजलि दी। वहीं रामनिवास खेड़ी ने भी गांव भोजावास निवासी 106 वर्षीय हवलदार चुन्नीलाल के देहांत पर शोक व्यक्त किया है। दूसरे विश्व युद्ध में कोहिमा से रंगून तक कई मोर्चों पर जापान के विरुद्ध लड़ने वाले इस योद्धा ने गत रात्रि अंतिम सांस ली। चुन्नीलाल के इतिहास पर कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सेना के खिलाफ ब्रिटिश हुकूमत द्वारा युद्ध के आदेश मिलने का पालन न करने पर ब्रिटिश हुकूमत की पांच साल की जेल भी काटी।
चुन्नीलाल के देहांत पर सूरजभान कटारिया ने कहा कि रविदास समाज के लिए यह दुखद घटना है। हरियाणा के पूर्व राज्यपाल एवं मौजूदा त्रिपुरा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग केंद्र सरकार के अध्यक्ष विजय सांपला, भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यनारायण जटिया, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं हरियाणा के पूर्व राज्यसभा सांसद दुष्यंत गौतम, हरियाणा के सहकारिता मंत्री एवं अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग के कल्याण मंत्री डॉ. बनवारी लाल, हरियाणा के राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मंत्री कृष्ण पवार, श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट हितेंद्र चौधरी आदि ने चुन्नीलाल के निधन पर शोक व्यक्त किया। इनके अंतिम संस्कार में युवा समाजसेवी सचिन रंगा, एडवोकेट विनोद कुमार, सनोज कुमार यादव, शेर सिंह, महावीर सिंह, सतीश कुमार, जयप्रकाश, जगदीश, धर्मवीर एवं क्षेत्र के काफी संख्या में गण्यमान्य लोगों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।