फाेटो संख्या:74- राजकीय महाविद्यालय कराटे प्रतियोगिता में हिस्सा लेते विद्यार्थी--स्रोत- महावि
महेंद्रगढ़। राजकीय महिला महाविद्यालय में सात दिवसीय सेल्फ डिफेंस शिविर का चौथा दिन रहा। ट्रेनर रोहतास कुमार ने बच्चों को हथेली के निचले हिस्से से हमलावर की नाक या ठोडी पर वार करना, अपनी उंगलियों से हमलावर की आंखों पर दबाव बनाना या हमला करना, कोहनी का उपयोग करके हमलावर के चेहरे या गर्दन पर वार करना।
अगर कोई कलाई पकड़ ले तो अंगूठे की दिशा में हाथ घूमाकर छुड़ाने के गुर सिखाए। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने इन सभी कलाओं का अभ्यास किया। रोहतास कुमार ने बताया कि डर पर काबू पाकर ही सही निर्णय लिया जा सकता है।
शिविर का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और आपातकाल में स्वयं की सुरक्षा करना सीखना है। महिला प्रकोष्ठ अधिकारी डॉ. मिथिलेश ने बताया कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण समन्वय में सुधार हड्डियों व मांसपेशियों को मजबूत करने, लचीलापन और संतुलन बढ़ाने के द्वारा शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है।
शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से छात्र अप्रत्याशित परिस्थितियों से निपटने व समग्र स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए बेहतर रूप से तैयार रहते हैं। आत्मरक्षा प्रशिक्षण में केवल मुक्केबाजी करना या लात मारना सीखना ही शामिल नहीं है।
यह व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण को समाहित करता है। आत्मरक्षा के पांच प्रमुख सिद्धांत बताए हैं। जागरूकता, पूर्वानुमान व कार्यवाही है। इस मौके पर डॉ. ज्योति, डॉ. सुमन आदि मौजूद रहे।