फोटो नंबर-04नारनौल के पीजी कॉलेज में अमर उजाला द्वारा आयोजित नशा मुक्ति कार्यक्रम को संबोधि
नारनौल। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बुधवार को पीजी कॉलेज में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि नारनौल डीएसपी सुरेश कुमार रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज प्राचार्या पूर्ण प्रभा ने की। मंच संचालन प्रोफेसर डॉ. चंद्र मोहन ने किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया। साथ ही शपथ भी दिलाई गई।
मुख्यातिथि डीएसपी सुरेश कुमार ने कहा कि पहले पंजाब में नशा ज्यादा फैला था, अब यहां भी पंखे फैला रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन की तरफ से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही खेलों से जोड़ा जा रहा है। पुलिस प्रशासन की तरफ से प्रत्येक गांव और वार्ड में एक पुलिसकर्मी को नियुक्त किया गया है। इसका कार्य बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और खेलों से जोड़ना है।
इस दौरान सुबह-शाम युवाओं को खेल में सहभागिता भी करवाई जा रही है। इस कड़ी में पुलिस के सीनियर अधिकारी भी गांव व वार्डों में जाकर युवाओं को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि स्वयं नशे से दूर रहें, साथ में साथियों को भी दूर रखें। यह समाज सुधार की तरफ बहुत कड़ा कदम है। विद्यार्थी सीखने की क्षमता को सही दिशा में इस्तेमाल करें।
नशा शहर से लेकर गांव तक फैल चुका है। नशे को जड़ से खत्म करने के लिए लोगों की मुहिम में भागीदारी जरूरी है। डीएसपी ने अमर उजाला की पहल की सराहना की। प्राचार्या पूर्ण प्रभा ने कहा कि कॉलेज में समय-समय पर नशे के खिलाफ युवाओं को जागरूक करने के लिए संगोष्ठी व कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अब अमर उजाला की तरफ से नशे को लेकर की गई पहल भी सराहनीय है।
नोडल अधिकारी प्रो. चंद्र मोहन ने कहा कि विद्यार्थी किसी के बहकावे या दबाव में आकर मादक पदाथोZं का सेवन न करें। उन्होंने परिजनाें व समाज को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने का आह्वान किया। नशा एक धीमा जहर है, जो अंत में मौत के मुंह में ले जाता है। नशा स्वस्थ इंसान को अंदर से खोखला कर कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित कर देता है। कार्यक्रम के अंत में डीएसपी सुरेश कुमार और प्राचार्या पूर्ण प्रभा आदि को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कॉलेज स्टाफ सदस्य व पुलिस पीआरओ सुमित कुमार मौजूद रहे।