दोहान पच्चीसी क्षेत्र के गांव भांखरी में पिछले 15 दिनों से चिकन पॉक्स की बीमारी से दर्जनों बच्चे पीड़ित है। भयभीत ग्रामीण बीमारी से परेशान होकर अपने स्तर पर ही उपचार के साथ-साथ झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े हुए है।
गांव के पूर्व सरपंच अजय शर्मा ने बताया कि गांव में पिछले दो सप्ताह से गांव में चिकन पाक्स बीमारी का कहर जारी है। शुरुआती समय में इस बीमारी की चपेट में गांव के दो-चार बच्चे आए थे, अब संक्रमित बीमारी से दर्जनों बच्चों के अलावा युवा चपेट में आ रहे है। ग्रामीण बस्तीराम, कर्णसिंह, यशपाल यादव, राजकुमार, राजबीर, पूर्व पंच विकेश कुमार व पूर्व सरपंच नरेश कुमार आदि ने बताया कि छोटी माता नामक बीमारी का कहर गांव में इस बार काफी अधिक है। शुरुआती दिनों में छोटे बच्चे चपेट में आए तो अभिभावक एलर्जी आदि बीमारी समझकर उपचार दिलाते रहे। धीरे-धीरे बीमारी ने छोटे बच्चों के साथ-साथ युवाओं को अपनी गिरफ्त में लिया तो ग्रामीण को चिकन पॉक्स फैलने का अंदेशा हुआ। इस बढ़ती हुई बीमारी को लेकर ग्रामीणों में भय व्याप्त है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन से चिकित्सा टीम भेजकर इस बीमारी पर काबू करने की मांग की है।
ये हैं पीड़ित
गांव के सरपंच प्रतिनिधि नरेश यादव ने बताया कि हवासिंह पुत्र बस्तीराम, अनीता पत्नी कर्णसिंह, पिंकी पुत्री महेन्द्र सिंह, धु्रव पुत्र यशपाल, प्राची पुत्री यशपाल, यश पुत्र राजकुमार, अन्नू पुत्री राजकुमार, चिंटू पुत्र राजबीर के अलावा दर्जन भर बच्चे व युवा चिकन पाक्ॅस से पीड़ित है।
क्या है चिकन पॉक्स
चिकन पॉक्स रेबुला व वरिशीला जोस्टर नामक वायरस से फैलता है। इसकी चपेट में आने से बच्चों के चेहरे व पूरे शरीर में छोटे-छोटे दाने उभर आते है। दाने के सूखने से बच्चों को खुजली होती है। इस बीमारी को आम ग्रामीण भाषा में छोटी माता भी की जाता है। चिकन पॉक्स किसी भी आयु वर्ग में भी हो सकता है, लेकिन छोटे बच्चों में यह रोग ज्यादा होता है। स्वस्थ बच्चे के शरीर में रोगाणु प्रवेश के बाद रोग उबरने में 10 से 15 दिन लग जाते है। एक संक्रमण की बीमारी है। जो एक-दूसरे के संपर्क में आने से भी फैलती है।
चिकनपॉक्स के लक्षण
सिरदर्द, बदन दर्द, बुखार, जुकाम, खांसी, नाक का बहना। -भोजन में अरुचि, गले में सूखापन।
बुखार कम से कम तीन दिन तक बना रहता है।
शरीर में लाल दानों का उबरना।
दानों में खुजली चलना और निशान बन जाना।
बचाव के उपाय
बच्चों का समय-समय पर टीकाकरण निंतात आवश्यक।
पानी का सेवन अधिक से अधिक करना।
खानेण में नमक की मात्रा का कम से कम प्रयोग।
तली, भुनी व मसालेदार वस्तुओं के सेवन से परहेज।
साफ सुथरे कपड़े पहना।