सतनाली। गांव राजावास में 124.43 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई जल परियोजना का सीएम मनोहरलाल द्वारा वीसी के माध्यम से उद्घाटन किया गया। परियोजना के उद्घाटन के बाद सतनाली क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से पेयजल की समस्या झेल रहे क्षेत्र को अब पेयजल के लिए कोई परेशानी नहीं रहेगी।
इस परियोजना से सतनाली क्षेत्र के 27 गांवों व 9 ढाणियों की करीब एक लाख की आबादी को शुद्ध पेयजल मिलेगा। राजावास में 27 एकड़ में बना यह प्रोजेक्ट प्रतिदिन 85 लाख लीटर पानी फिल्टर करेगा। बता दें कि 124 करोड़ 43 लाख रुपये की लागत से तैयार प्रोजेक्ट वर्ष 2033 की जनसंख्या के हिसाब से तैयार किया गया है। इससे लगभग एक लाख की जनसंख्या कवर होगी। यहां पर हर रोज 85 लाख लीटर प्रतिदिन पानी फिल्टर करने की क्षमता है। इसमें आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया है। राजावास ग्राम पंचायत द्वारा दी गई लगभग 27 एकड़ में बने इस नहर आधारित पेयजल सप्लाई प्रोजेक्ट के लिए नाबार्ड योजना के तहत 124 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इन गांवों को मिलेगा लाभ
इसके लिए डीगरोता, सुरेती जाखल, सतनाली, जड़वा, सोहला व ढाढोत में इंटरमीडिएट बूस्टिंग स्टेशन बनाए गए हैं। मुख्य बूस्टिंग स्टेशन डालनवास में बनाया गया है। यहां पर 2 वाटर स्टोरेज टैंक तथा दो आरसीसी कलियर वाटर टैंक बनाए गए हैं। पेयजल सप्लाई के लिए लगभग 100 किलोमीटर दूरी के डीआई पाइप लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि यहां से सतनाली शहर के लिए 155 लीटर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति पानी की सप्लाई होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 70 लीटर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति की पानी सप्लाई होगी। परियोजना के माध्यम से डिगरोता, सुरेती जाखल, जड़वा, सोहला, ढाढोत, बलाना, माधोगढ़, डालनवास, बारड़ा, सुरेहती पिलानिया, सुरेहती मोडियान, ढाणा, बास, सतनाली, पथरवा, जवाहरनगर, श्यामपुरा, जड़वा की ढाणी, राठीवास व देवराली, सोहड़ी, नांवा, नांगल माला, जेरपुर, मांडोला, ऊष्मापुर आदि गांवों की एक लाख से अधिक की आबादी को भविष्य में पेयजल की समस्या नहीं रहेगी।
राजावास में 27 एकड़ में बना प्रोजेक्ट हर रोज 85 लाख लीटर पानी फिल्टर करेगा। लंबे समय से सतनाली क्षेत्र में पेयजल के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही थी लेकिन अब लोगों को पेयजल के लिए कहीं भटने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
-नीरज, सतनाली
राजावास में 27 एकड़ में बने इस नहर आधारित पेयजल सप्लाई प्रोजेक्ट से आने वाले समय में पीने के पानी की समस्या नहीं रहेगी। यह सरकार की सतनाली क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी देन है।
-सुंदर गोठवाल, एडवोकेट ।
राजावास में बने प्रोजेक्ट से 85 लाख लीटर पानी फिल्टर होकर सतनाली क्षेत्र की लगभग एक लाख आबादी को इस परियोजना का लाभ मिलेगा। अभी तक पेयजल की समस्या से जूझ रहे सतनाली क्षेत्र के गांव को अब भविष्य में पीने के पानी की किसी भी प्रकार की समस्या नहीं रहेगी।
-कृष्ण सिंह तंवर, पूर्व सरपंच।
प्रदेश के सीएम ने इस परियोजना का उद्घाटन कर क्षेत्र के लोगों को बड़ी सौगात देने का काम किया है। क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या नहीं रहेगी। इस क्षेत्र में पीने के पानी की किल्लत बढ़ती जा रही थी। लगातार गिरते भूजल स्तर के बाद लोगों की चिंता भी बढ़ रही थी।
-बीर सिंह।