महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय को चार इंजीनियर कोर्स के बाद एक और सौगात मिल गई। अब क्षेत्र के विद्यार्थियों को हजारों रुपये लगाकर बीएड और एमएड की पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। जी हां हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद् (एनसीटीई) से बीएड और एमएड डिग्री कोर्स की मंजूरी मिल गई है। क्षेत्र के लिए विद्यार्थियों केे लिए खुशी की बात है कि अभी तक जिले में एक भी सरकारी बीएड और एमएडी कॉलेज नहीं जिस कारण विद्यार्थियों को हजारों रुपये खर्च कर बीएड करनी पड़ती है। ये कोर्स अगले वर्ष से शुरू किए जाएंगे। उक्त दोनों कोर्सिस के लिए स्टाफ की पोस्ट भी सेंक्शन कर दी गई हैं। केंविवि के वीसी आर.सी. कुहाड़ उक्त कोर्स को लेकर पिछले कई दिनों से एनसीटीई के टच में थे आखिरकार उनके प्रयास से विश्वविद्यालय को इसकी मंजूरी मिल गई।
केविवि के रजिस्ट्रार रामदत्त ने बताया कि केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद् से केंविवि की बात चल रही थी। केंविवि को एनसीटीई से बीएड की 100 तथा एमएड की 50 सीटों की मंजूरी मिली है। इसके अलावा 26 पोस्टें लेक्चरर की सेक्शन की गई हैं। जिनमें से 2 प्रोफेसर, 2 एसेसिएट प्रोफेसर, 22 अस्टिटेंट प्रोफेसर की सीटें सेंक्शन हैं। इसके अलावा स्थायी नियुक्ति नहीं होने पर 13 गेस्ट प्रोफेसर लगाने की अनुमति भी मिल गई है। इसके अलावा 9 नॉन टीचिंग स्टाफ की पोस्ट सेंक्शन की गई हैं लेकिन इस वर्ष से ये कक्षाएं शुरू नहीं की जा सकेंगी। अगले वर्ष से केंविवि में कक्षाओं की शुरूआत होगी।
लिखित परीक्षा के आधार पर होगा एडमिशन
रजिस्ट्रार रामदत्त ने बताया कि केंविवि में लगभग सभी कोर्सिस का एडमिशन लिखित परीक्षा के आधार पर होता है। उसी आधार पर बीएड और एमएड डिग्री कोर्स में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को लिखित परीक्षा देनी होगी। उस परीक्षा के बाद जो मेरिट लिस्ट बनेगी उसमें जिस विद्यार्थी का नंबर आएगा उसकी को प्रवेश दिया जाएगा।
बीएड और एमएड की अनुमति हकेंविवि को मिल गई है। अगले सत्र से कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। - आर.सी. कुहाड़, कुलपति, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय