फोटो नंबर-12डॉ. विश्वेश्वर कौशिक। जिला शिक्षा अधिकारी, नारनौल।
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नारनौल। शिक्षा विभाग के उन शिक्षकों और कर्मचारियों को राहत मिली है जिन्हें जनगणना कार्य में एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर के रूप में नियुक्त किया गया है। उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी महेंद्रगढ़ (नारनौल) की ओर से जारी आदेश के अनुसार जनगणना-2027 का पहला चरण 1 मई 2026 से शुरू होकर 31 मई 2026 तक चलेगा।
इस दौरान शिक्षा विभाग के कई शिक्षक और कर्मचारी जनगणना कार्य में लगे हुए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी तथा प्राचार्य डाइट महेंद्रगढ़ को निर्देश दिए गए हैं कि जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को 18 मई से 20 मई 2026 तक नियमित स्कूल और कार्यालय उपस्थिति से छूट प्रदान की जाए।
प्रशासन का कहना है कि इससे जनगणना कार्य को समय पर और सुचारु रूप से पूरा करने में मदद मिलेगी। आदेश में कहा गया है कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें कर्मचारियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
कई बार ड्यूटी दूरदराज क्षेत्रों में लगती है तथा बड़े एन्यूमरेशन ब्लॉकों का सर्वेक्षण करना पड़ता है। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत इस कार्य को अन्य प्रशासनिक कार्यों पर प्राथमिकता दी गई है।
राष्ट्रीय महत्व का अभियान बताया
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विश्वेश्वर कौशिक ने जनगणना कार्य में लगे सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय महत्व का अभियान बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देशहित से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है जिसे पूरी निष्ठा, सटीकता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। डॉ. कौशिक ने उपायुक्त अनुपमा अंजलि को विश्वास दिलाया कि शिक्षा विभाग जनगणना कार्य को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करेगा। उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ जिले का लक्ष्य केवल कार्य पूरा करना नहीं, बल्कि इसे पूरे हरियाणा में सबसे पहले और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न करना है।