नारनौल। लघु सचिवालय में बुधवार को अधिकारियों की जिला स्तरीय मलेरिया समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उपायुक्त ने आमजन से आह्वान करते हुए कहा कि मच्छर जनित बीमारियों से सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे में जिला के सभी नागरिक सप्ताह में एक दिन ड्राई डे के रूप में मनाएं। इस दिन नागरिक अपने कुलर, टायर, फूलदान, पशु व पक्षियों के पानी के बर्तनों को साफ करें।
उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने कहा कि जिला में अब तक 97 जोहड़ों में गम्बुज़िया मछली डाली जा चुकी हैं। जिला में कुल 300 जोहड़ों में गम्बुज़िया मछली डाली जाएंगी। उन्होंने डीडीपीओ को जल्द से जल्द सीएमओं को जोहड़ों की लिस्ट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल खुलने के बाद जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को जागरूक करें। बैठक में सिविल सर्जन डा. रमेश चंद्र आर्य ने बताया कि तेज बुखार, सर्दी व कंपन, सिर दर्द व उल्टी लगना मलेरिया के मुख्य लक्षण हैं। बुखार होने पर नागरिक तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर खून की जांच करवाएं। मलेरिया की जांच व उपचार ग्राम स्तर तक सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त उपलब्ध हैं।
मच्छर से बचने के ये हैं तरीके
मलेरिया व मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिए सभी को खासकर गर्भवती महिला और बच्चों को मच्छरदानी या मच्छरनाशक क्रीम का प्रयोग करना चाहिए । घर के दरवाजे व खिड़कियों पर उपयुक्त जाली इस्तेमाल करें। निश्चित करें कि कीटनाशक छिड़काव के समय घर के सभी कमरों में छिड़काव हो। छिड़काव के बाद कम से कम 3 महीनों तक लिपाई, सफेदी और रंग रोगन ना करें। घरों में छिड़काव के समय पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
जिला में वर्ष 2017 से 2023 तक डेंगू के मामले
जिला में वर्ष 2017 में डेंगू के तीन केस थे। वर्ष 2018 में चार, 2019 में 10, 2020 में सात, 2021 में 161, 2022 में 72 व वर्ष 2023 में कुल 44 केस आए थे। जिला में डेंगू से वर्ष 2017 से वर्ष 2023 के बीच एक भी मृत्यु नहीं हुई है।