विमुद्रीकरण के 15 दिन बाद भी लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बैंकों में कैश की समस्या अभी भी बरकरार है। किसी बैंक में कैश नहीं आ रहा तो किसी में आ रहा है, वह 11 या 12 बजे के बाद लोगों को कैश नहीं दे रहे। ऐसे में लोग कैश पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कैश के लिए लोगों का सर्दी के मौसम में भी पसीना निकल रहा है। वहीं डाकघर में कैश नहीं आने के कारण पेंशन धारकों व वहां पर सेविंग व अन्य एकाउंट खुलवाने वाले लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
हालांकि अब कैश जमा कराने वालों व कैश बदलवाने वालों की लाइनें तो कम हो गई हैं, परंतु विभिन्न जरूरतों के लिए कैश की आवश्यकता लोगों को खटक रही है। लोग कैश निकलवाने के लिए बैंकों में सुबह से शाम तक कई बार चक्कर लगा रहे हैं लेकिन लोगों को कैश नहीं मिल पा रहा है। कैश न होने के कारण लोगों के जरूरत के कई कार्य रुक भी गए हैं।
मुख्य डाकघर में नहीं आ रहा कैश
मुख्य डाकघर में दो हजार से अधिक विभिन्न प्रकार के खातों के ग्राहक हैं। वहीं पेंशन पाने के लिए भी करीब 200 से अधिक वृद्धावस्था के खाते हैं। ऐसे में डाकघर में लोगों की सुबह से शाम तक भारी भीड़ रहती है, लेकिन यहां के हालत यह है कि डाकघर में कैश नहीं आ रहा है। इसके कारण लोगों को डाकघर से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। जिला का मुख्य डाकघर नई मंडी के पास है। यहीं से ही जिले में स्थित अन्य डाकघर की ब्रांच व उपब्रांचों को पैसा जाता है। अन्य छोटे डाकघर में भी हजारों लोगों ने खाता खुलवाया हुआ है। वहीं पेंशन भी शहर के लोगों की डाकघर के द्वारा दी जाती है लेकिन मुख्य डाकघर में ही पैसा नहीं होने के कारण अन्य छोटे डाकघरों में भी पैसा नहीं आ रहा है।
-पटियाला बैंक से आता है पैसा
जिले के मुख्य डाकघर सहित अन्य बैंकों को स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की कचहरी ब्रांच से पैसा आता है, जो अन्य सरकारी बैंकों की चेस्ट है। वहीं कचहरी ब्रांच से पैसा डाकघर को नहीं दिया जा रहा। इसलिए लोगों को ज्यादा समस्या आ रही है।
एटीएम रहे बंद, बैंकों में भी नो कैश
बुधवार को 15 वें दिन भी एटीएम बंद रहे। एक दो एटीएम ही खुले रहे। जो एटीएम खुले थे वहां भारी भीड़ थी। एटीएम खुले नहीं रहने के साथ-साथ बुधवार को भी बैंकों में कैश नहीं आया। इससे लोगों को ज्यादा परेशानी हुई।
मुख्य डाकघर में पटियाला बैंक से कैश प्राप्त होता है, मगर बुधवार को कैश नहीं मिला। कभी मिलता है तो भी वह मांग का दस प्रतिशत भी नहीं होता। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। जल्द ही उनकी समस्या का समाधान करने का प्रयास वे कर रहे हैं। लोगों को थोड़ा धैर्य रखना होगा।
-महेंद्र कुमार, मुख्य डाकपाल, मुख्य डाकघर, नारनौल