नोट की चोट का असर की मंडियों पर पड़ा है। शहर की सब्जी मंडी एवं अनाज मंडी के व्यापारी भी नोटबंदी के बाद से परेशान हैं। मंडी में सब्जी और फल सस्ते हो गए जबकि अनाज मंडी में खल एवं बिनौले के भाव में 100 रुपये की तेजी आ गई। सब्जी मंडी के व्यापारियों ने फलों एवं सब्जियों की गाड़ियां मंगवाना कम कर दिया है। प्रधानमंत्री का देश में छिपे कालेधन पर सर्जिल स्ट्राइक के बाद से व्यापारियों को आर्थिक मंदी से जूझना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने खरीददारी कम कर दी है। इसके अलावा बाहर से भी माल की सप्लाई नहीं हो पा रही। ट्रक ड्राइवर तथा बड़े सब्जी, फल एवं खल बिनौल व्यापारी खुले रुपये की मांग कर रहे हैं।
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खल-बिनौल हुआ महंगा:
अनाज मंडी में खल बिनौल महंगा हो गया है। अभी जो माल आ रहा है उसमें 100-100 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। इस समय शहर की मंडी में 1960 रुपये खल तथा 2700 रुपये (एमपी) तथा 3100रु पये हरियाणा से आने वाले बिनौला हो गया है। इसका असर आने वाले समय में दूध पर भी पड़ सकता है। इस समय शहर की अनाज मंडी में खल गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा से आता है। जबकि बिनौला मध्यप्रदेश, हैदराबाद, तथा हरियाणा से आता है। नोट बंदी के कारण बाहर मीलों पर किसान अपनी फसल ही नहीं बेच रहे हैं। इसी कारण मंडी मीलों पर कच्चा माल नहीं पहुंच पा रहा।
सब्जी मंडी के व्यापार में आई गिरावट
नोटबंदी के बाद सब्जी मंडी में भारी गिरावट आई है। थोक व्यापारी प्रतिदिन लगभग 30 लाख रुपये का व्यापार करते थे जो गिरकर 10 लाख रुपये प्रतिदिन का रह गया है। लोगों ने फल सब्जी की खरीदारी कम कर दी है जिसके कारण माल की डिमांड घटी है। इस कारण आढ़तियों ने बाहर से सब्जी मंगवाना कम कर दिया है। आढ़तियों ने बताया कि नोट बंदी से पहले मंडी में लगभग 100 गाड़ियां सब्जी लेकर बाहर से आती थीं लेकिन अब मुश्किल से 20 गाड़ियां आ रही हैं। बाहर के व्यापारी पहले ही खोलबांध कर रहे हैं कि छोटे नोट दोगे तो माल भेज देंगे।
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सब्जी और फल सस्ते:
सब्जी मंडी के आढ़तियों ने बताया कि नोटबंदी के बाद से फल तथा सब्जियों की कीमतों में गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि दिवाली के बाद फल एवं सब्जी सस्ते डेढ़ से दो गुणा महंगे हो जाते हैं। नोट बंदी के कारण इस बार सस्ते हुए हैं। इस समय फल और सब्जी की कीमतें डेढ़ गुणा नीचे आई हैं। उसके बाद भी गोदाम भरें हैं बाजार में बिक्री नहीं हो रही है। बिक्री कम होने के कारण उन्होंने माल मंगवाना कम कर दिया है।
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सब्जी कीमत थोक में फल कीमत थोक में
(प्रति रुपये किलो) (प्रति रुपये किलो)
गोभी 3 सेब 50
घीया 5 तरबूज 25
आलू 10 पपीता 25
टमाटर 10 संतरा 40
गाजर 7 अनार 90
प्याज 6 अनानास 30
नोटबंदी के बाद खल एवं बिनौले में 100 रुपये तेजी आई है। व्यवसाय भी मंदा हुआ है। किसान मीलों पर माल नहीं पहुंचा रहे क्योंकि उनको खुले रुपये नहीं मिल पा रहे। इसी कारण माल कम सप्लाई हो रहा है। अभी महेंद्रगढ़ की मंडी में माल पूरा है लेकिन 10 दिन बाद परेशानी बढ़ सकती है।--मुकेश झुकिया, अनाज मंडी
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अभी शहर की मंडी में माल पूरा है कोई दिक्कत नहीं है। प्रधानमंत्री ने 1000 और 500 रुपये की नोटबंदी कर अच्छा कार्य किया है। इससे देश में साफ सुथरा व्यापार पनपेगा। यह जरुर है कि कुछ दिन लोगों को रोजमर्रा के काम में बाधा रहेगी। लेकिन उसके बाद सबकुछ सामान्य हो जाएगा। इस समय केवल दो नंबर की कमाई वाले व्यापारी ही परेशान हैं। --संजय मित्तल, अनाजमंडी
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नोटबंदी के बाद सब्जी मंडी खासी प्रभावित हुई है। मंडी में पहले 30 लाख रुपये का व्यापार प्रतिदिन होता था अब 10लाख रुपये ही रह गया है। गाड़ियां पहले 100 आती थी लेकिन मुश्किल से 20 ही रह गई हैं। --गोविंद सैनी, आढ़ती
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नोटबंदी के बाद फलों की कीमतों पर काफी असर पड़ा है। बाजार में फलों की डिमांड कम हो गई है। जो 500 रुपये के फल खरीदता था अब 100 रुपये के ही खरीद रहा है। इसलिए मांग के अनुसार ही माल मंगवाया जा रहा है।-सतीश, फल थोक विक्रेता