महेंद्रगढ़। बुचावास व गुढ़ा के बीच सोमवार दोपहर एक बजे एक कैंटर चालक ने कार को भीषण टक्कर मार दी। इस हादसे में कार चालक अधिवक्ता की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। एंबुलेंस से दोनों को नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ लाया गया जहां चिकित्सकों ने 70 वर्षीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण यादव को मृत घोषित कर दिया तथा घायल पुत्र सत्यवान को उपचार के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया। पुलिस ने अधिवक्ता साथी के बयान पर कैंटर चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि श्रीकृष्ण इस क्षेत्र के नामी अधिवक्ता थे।
सदर थाना महेंद्रगढ़ को दी शिकायत में गादड़वास निवासी अधिवक्ता सुनील कुमार ने बताया कि सोमवार दोपहर 1:15 बजे वह कनीना कोर्ट से अपना कार्य करके वापस आ रहे थे। इसी दौरान अधिवक्ता श्रीकृष्ण यादव अपने पुत्र सत्यवान के साथ महेंद्रगढ़ की ओर आ रहे थे। जब वह 152डी के नजदीक पहुंचे तो महेंद्रगढ़ की ओर से लापरवाही से कैंटर चलाते आ रहे चालक ने अपनी कैंटर से कार में टक्कर मार दी। दुर्घटना के समय वह अधिवक्ता श्रीकृष्ण की गाड़ी के पीछे आ रहे थे। दुर्घटना के बाद कैंटर चालक चलते कैंटर से कूदकर फरार हो गया। मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में चिकित्सकों ने श्रीकृष्ण को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अधिवक्ता सुनील के बयान पर आरोपी कैंटर चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
एक साथ काम करते थे पिता-पुत्र
मृतक श्रीकृष्ण यादव महेंद्रगढ़ बार के भी प्रधान रहे थे तथा वर्तमान में कनीना बार में बतौर अधिवक्ता कार्य कर रहे थे। उनके पुत्र अधिवक्ता सत्यवान भी उनके साथ काम करते थे। उनकी दो बेटियां हैं दोनों की शादी हो चुकी है। अधिवक्ता सत्यवान अभी अविवाहित हैं। श्रीकृष्ण यादव मूलरूप से गांव स्याणा के निवासी थे तथा वर्तमान में शहर की शंकर कॉलोनी में रह रहे थे।
एयरबैग भी नहीं आया काम
हादसे के समय श्रीकृष्ण कार चला रहे थे, जबकि बेटा सत्यवान उनके पास वाली सीट पर बैठा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह से धंस गया। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद अधिवक्ता श्रीकृष्ण को कार से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि कार का एयरबैग भी खुला था, लेकिन अधिवक्ता श्रीकृष्ण के शरीर में पेट से नीचे के हिस्सों में गहरी चोटें लगी थी। वहीं आरोपी कैंटर चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद चलती कैंटर से कूदकर चालक खेतों से भाग गया था जिसके बाद कैंटर अपने आप ही सड़क पर बंद हो गया। गनीमत रही की उस समय आसपास कोई अन्य वाहन नहीं था।