नारनौल। महेंद्रगढ़ जिले में जागरूकता के अभाव में कैंसर रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। साल 2020-21 में जिले में महज 226 कैंसर मरीज थे। साल 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 447 पहुंच चुका है, जबकि कैंसर अब लाइलाज नहीं है। अगर समय पर मरीज को उपचार मिले तो जान बचाई जा सकती है। लेकिन, कैंसर पहचानने में होने वाली देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
हर साल 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है। जिले में पान, गुटखा और धूम्रपान करने वालों की संख्या अधिक होने के कारण मुंह के कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा स्तन, ब्लड कैंसर के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। परेशानी की बात यह है कि मरीजों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन जिले में कैंसर के उपचार के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मरीजों को जयपुर, दिल्ली, गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता है। जहां उपचार तो महंगा है ही, साथ ही मरीजों को आने जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जिले में 129 मरीजों को मिल रही पेंशन
कैंसर की तीसरी और चौथी स्टेज के मरीजों को 3000 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है। महेंद्रगढ़ जिले में 129 मरीजों को पेंशन मिलनी शुरू हो गई। एनसीडी के दिनेश कुमार ने बताया कि पेंशन शुरू कराने के लिए कार्य दिवस के दौरान मरीज अपने दस्तावेज लाकर एनसीडी कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।
जिले में कैंसर मरीजों की वर्षवार संख्या
वर्ष मरीजों की संख्या
2020-21 226
2021-22 310
2022-23 433
2023-24 509
2024-25 447
कैंसर के कारण
- तंबाकू का सेवन
- धूम्रपान और शराब पीना
- लंबे समय तक रेडिएशन के संपर्क में रहना
- आनुवांशिक दोष
- शारीरिक निष्क्रियता
- खराब पोषण
- मोटापा
कैंसर के लक्षण
- लगातार खांसी
- अचानक गांठ का दिखना
- बिना किसी वजह वजन कम होना
- मुंह में घाव या अल्सर जो तीन सप्ताह से ज्यादा समय तक रहे
- मुंह में लाल या सफेद धब्बे
- कर्कश आवाज
- निगलने या चबाने में दिक्कत
- थकान
- बुखार, खासकर रात में
- भूख में कमी
कैंसर से कैसे करें बचाव
- शराब का सेवन न करें
- रेडिएशन के संपर्क में आने से बचें
- फाइबर युक्त डाइट लें
- धूम्रपान करने से बचें
- डाइट में अधिक फैट न लें
- शरीर का सामान्य वजन बनाए रखें
- नियमित रूप से व्यायाम करें
वर्जन-
जिले में कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वजह, दिनचर्या में बदलाव से लेकर सब्जी से लेकर फलों में कैमिकल का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होना है। यह सेहत के लिए नुकसानदायक है। लोगों को खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
-डॉ. कंवर सिंह, जनरल सर्जन नागरिक अस्पताल नारनौल।