डीसी ने किया जलघरों का निरीक्षण
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गर्मी के मौसम में पेयजल उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी न रहे इसी बात को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त संजीव वर्मा ने मंगलवार को जिले के विभिन्न जलघरों और पंप हाउसों का दौरा किया। नहरों पर अवैध रूप से इंजन लगाकर पानी चोरी करने वाले लोगों के खिलाफ डीसी ने सिंचाई विभाग को तुरंत एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि पेयजल की निरंतर सप्लाई के लिए दोनों ही विभागों के अधिकारी अपना पुरा संसाधन इसमें लगा दें। लोगों को गर्मी के मौसम में पानी की सप्लाई में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आनी चाहिए।
डीसी ने मंगलवार को सबसे पहले लहरोदा में बने 118 गांवों को पेयजल सप्लाई करने वाले लगभग 31 करोड़ लीटर पानी क्षमता वाले जल घर का जायजा लिया। इसके बाद नारनौल ब्रांच के पंप हाउस नंबर 6 का जायजा लिया। यहां पर उन्होंने सभी पंपों की क्षमता व फिलहाल मिल रहे पानी के बारे में जानकारी ली। एसई सिंचाई बीएस नारा ने बताया कि फिलहाल जिले में लगभग 350 क्यूसिक पानी की सप्लाई की जा रही है। इसके बाद डीसी ने गांव कांवी, नौलपुर डिस्ट्रीब्यूटरी पंप हाउस नंबर पांच, भुंगारका का दौरा किया। डीसी को कुछ स्थानों पर अवैध रूप से डीजल के पंप लगे हुए मिले। इस पर उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध रूप से पानी चोरी करने वालों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में पहली प्राथमिकता पेयजल सप्लाई को है। यहां पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने किसानों से भी आह्वान किया कि वे नहरों पर पंप लगाकर पानी की चोरी न करें। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डीसी को बताया कि सिंचाई विभाग से पानी की सप्लाई 30 अप्रैल तक चलेगा। लहरोदा जल घर इस समय 52 फीसदी ही भरा गया है। चार दिनों में इसमें काफी पानी भर जाएगा। गर्मी के मौसम में अगर टैंक पूरे भरे जाएं तो यह पानी 16 से 18 दिन तक सप्लाई किया जा सकता है।
जिले में फिलहाल हर रोज लगभग 120 लाख गैलन पानी की आवश्यकता होती है। ग्रामीणों क्षेत्रों में 40 से 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन तथा शहरी क्षेत्रों में 110 से 135 लीटर पानी की सप्लाई करने की व्यवस्था है। इस मौके पर सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता बीएस नारा, एक्सईएन सिंचाई सरवन लाग्यान व एक्सईएन जनस्वास्थ्य भंवरलाल के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।