फोटो संख्या:68- गांव कोथल खुर्द में टूटी नहर--संवाद
महेंद्रगढ़/कनीना। गांव कोथल खुर्द में नहर टूटने से किसान विजेंद्र कुमार के खेतों में अचानक पानी भर गया। नहर से तेज बहाव के साथ आए पानी ने करीब चार से पांच एकड़ भूमि को जलमग्न कर दिया। खेतों में खड़ी बाजरे की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई, जबकि कपास की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। जलभराव के कारण किसान को आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है।
किसान विजेंद्र कुमार ने बताया कि नहर टूटने के बाद पानी तेजी से खेतों की तरफ आया। कुछ ही समय में पूरा खेत पानी से भर गया। बाजरे की फसल तैयार होने की स्थिति में थी, लेकिन पानी में डूबने से इसके खराब होने की आशंका है। वहीं कपास की फसल भी पानी की चपेट में आ गई है। किसान का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो फसल को और अधिक नुकसान हो सकता है।
किसान ने प्रशासन से नहर की जल्द मरम्मत कराने, खेतों से पानी की निकासी करवाने और फसल व मकानों को हुए नुकसान का मौके पर सर्वे कराने की मांग की है। उन्होंने नुकसान के आधार पर उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई है।
मकानों की नींव पर भी खतरा
खेतों के साथ आसपास बने मकानों के चारों तरफ भी पानी जमा हो गया है। किसान ने आशंका जताई कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से जमीन में नमी बढ़ेगी और मकानों की नींव कमजोर हो सकती है। इससे मकानों को नुकसान का खतरा बना हुआ है। विजेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने नहर टूटने और जलभराव की सूचना गांव के सरपंच और संबंधित विभाग के जेई को फोन पर दी। सूचना मिलने के बाद सरपंच मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेकर तस्वीरें भी लीं। विभाग के अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया गया है।
वर्जन:
विभागीय अधिकारियों को इस मामले में अवगत करवा दिया गया है हालांकि विभाग द्वारा बेलदार आए थे उन्होंने अपना प्रयास किया है। किसान को उचित मुवावजा देने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जा चुका है। -ओमदत्त, सरपंच प्रतिनिधि, कोथल खुर्द
फोटो संख्या:68- गांव कोथल खुर्द में टूटी नहर--संवाद