प्रदेश के जिन परिवारों की परिवार पहचान पत्र अनुसार वार्षिक आय 1.80 लाख से कम है। उन अंत्योदय परिवारों को सरकार द्वारा चिरायु हरियाणा योजना की शुरूआत कर आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में विधिवत रूप से शामिल कर प्रदेश में 21 नवंबर से आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य शुरू किया था। जिले में योजना के शुरुआती मात्र 10 दिनों में ही एक लाख से अधिक आयुष्मान गोल्डन कार्ड लाभार्थियों को जारी किए जा चुके हैं।
सिविल सर्जन डॉ. धर्मेश कुमार सैनी ने बताया कि आयुष्मान गोल्डन कार्ड जिला स्तर पर प्रत्येक जिले में कॉमन सर्विस सेंटरों व योजना से जुड़े सभी निजी व सरकारी अस्पतालों में आशा कार्यकर्ताओं की मदद से बनाए जा रहे हैं। 21 नवंबर को नागरिक अस्पताल नारनौल में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक न्याय अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव व महेंद्रगढ़ नागरिक अस्पताल में भिवानी-महेंद्रगढ़ सांसद धर्मबीर सिंह ने 100-100 लाभार्थियों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड वितरित कर मिशन की शुरूआत की थी।
उन्होंने बताया कि डीसी डॉ. जयकृष्ण आभीर के नेतृत्व में योजना से जुड़े सभी अधिकारी व कर्मचारियों ने अपने अथक प्रयासों से शुरूआती मात्र 10 दिनों में ही एक लाख से अधिक आयुष्मान गोल्डन कार्ड लाभार्थियों को जारी करने की उपलब्धि हासिल की है। इसके लिए योजना से जुड़े सभी कर्मचारी व अधिकारी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने योजना से जुड़े लाभार्थियों से आग्रह किया कि वह जिले में कॉमन सर्विस सेंटरों व योजना से जुड़े सभी निजी व सरकारी अस्पतालों से अपना आयुष्मान गोल्डन कार्ड जल्द से जल्द बनवाएं ताकि आवश्यकता पड़ने पर योजना के तहत मुफ्त उपचार लिया जा सके।
जिला सूचना प्रबंधक उमेश सैनी ने बताया कि योजना के तहत जिला एसईसीसी-2011 के अनुसार लाभार्थियों की परिवार पहचान व आयुष्मान कार्ड बनाने में प्रथम स्थान पर रहा है। जिला नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर व सिविल सर्जन डॉ. धर्मेश कुमार सैनी के मार्गदर्शन में योजना के शुरूआती मात्र 10 दिनों में ही एक लाख से अधिक आयुष्मान गोल्डन कार्ड लाभार्थियों को जारी कर जिला अग्रणीय बन पाया है।