फोटो 24सुबह के समय अलावा का सहारा लेते युवा। संवाद
नारनौल। जिले में दो दिन से घना कोहरा होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को 20 मीटर से भी कम दृश्यता रही। इसके चलते नारनौल डिपो से चंडीगढ़ व दिल्ली जाने वाली बस भी करीब आधे घंटे की देरी से पहुंची।
नारनौल में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम परिवर्तन शील बना हुआ। दिन में आंशिक बादलवाही भी देखने को मिल रही है। वहीं, सोमवार शाम 6 बजे नारनौल वायु गुणवत्ता सूचकांक 173 के पास दर्ज किया गया। सर्दी के मौसम में एक्यूआई खराब श्रेणी पहुंचने की ज्यादा संभावना रहती है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि जब मौसम प्रणाली उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होती है तो तापमान में बढ़ोतरी और जब आगे निकल जाती है तो तापमान में गिरावट देखने को मिलती है। यह क्रम लगातार दो महीनों से जारी है। उन्होंने बताया कि नारनौल में 19-21 दिसंबर के दौरान आंशिक बादलवाही देखने को मिलेगी लेकिन बारिश की संभावना नहीं है।
नारनौल में लगातार न्यूनतम व अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोमवार को नारनौल का 6.5 न्यूनतम और अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि न्यूनतम तापमान में 1.03 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है लेकिन अधिकतम में 0.02 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है।