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सरकार बदले हुए दो साल, लेकिन नहीं बदली बस स्टैंड की तस्वीर

Sun, 27 Nov 2016 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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बस स्टैंड की बल्डिगिं हुई जर्जर
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इसे अधिकारियों की लापरवाही कहें या जिला के राजनेताओं की कमजोरी। वजह जो भी हो किसी काम के न होने का खामियाजा तो जनता को ही भुगतना पड़ता है। कुछ ऐसा ही हाल नारनौल के बस स्टैंड का है। जो रिपेयर के अभाव में गिरने के कगार पर है। ऐसा नहीं है कि इसकी रिपेयरिंग के लिए सरकार ने पैसा नहीं दिया है। रिपेयरिंग के लिए तो करीब ढ़ाई साल पूर्व कांग्रेस के शासन में ही 74 लाख रुपये इसकी रिपेयर व अन्य कामों के लिए भेज दिए थे, लेकिन अब भाजपा राज के भी दो साल पूरे हो गए हैं। अधिकारी इसकी रिपेरिंग की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसके कारण लोगों की जान पर बन आई है।
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नारनौल बस स्टैंड की इमारत बिल्कुल जर्जर हो चुकी है तथा इससे कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इस काम के लिए परिवहन विभाग की ओर से राशि भी मंजूर हो चुकी है। जिसका ड्राफ्ट करीब ढ़ाई साल पूर्व पीडब्ल्यूडी भवन व निर्माण शाखा को भी भेजा गया था। लेकिन दो साल से ज्यादा समय होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। बस स्टैंड काफी पुराना होने के कारण इसका प्लास्टर झड़ने लगा है। वहीं दीवारें भी काफी पुरानी होने के कारण कभी भी भरभरा कर गिर सकती हैं। इसी तरह बस स्टैंड की भी हालात खराब है, कभी भी गिर सकती है। रोजाना बस स्टैंड पर आने वाले हजारों लोगों की जान को हर पल खतरा बना रहता है।
1983 में हुआ था बस स्टैंड का निर्माण
नारनौल के बस स्टैंड का उद्घाटन 4 जून 1983 को तत्कालीन परिवहन मंत्री कर्नल राव राम सिंह ने किया था। उद्घाटन के बाद इस बस स्टैंड के भवन की रिपेयर एक या दो बार ही हुई है। करीब ढ़ाई वर्ष पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह के प्रयासों से इस बस स्टैंड के जीर्णोद्धार के लिए करीब 74 लाख 21 हजार रुपए की राशि मंजूर कराई गई थी। चार सितंबर 2014 को उक्त राशि का डीडी जीएम रोडवेज ने पीडब्ल्यूडी भवन व निर्माण शाखा के कार्यकारी अभियंता को भेज दिया गया था, लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
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छत का होना है पुनर्निर्माण
इस राशि के तहत बस स्टैंड की छत का पुनर्निर्माण किया जाना व बस स्टैंड के बूथों की संख्या बढ़ाना था लेकिन राशि को पीडब्ल्यूडी विभाग के पास पहुंचे एक साल दो माह बीतने के बाद भी यहां पर निर्माण तो दूर टेंडर भी नहीं निकाला गया है।

शौचालय की नहीं हो रही साफ-सफाई
बस स्टैंड पर बने शौचालय भी गंदे पड़े हैं। अंदर व बाहर दोनों जगह बने शौचालय का बुरा हाल है। इनकी सफाई के अलावा बस स्टैंड परिसर की भी साफ-सफाई सही ढंग से नहीं हो रही। जिसके कारण भी लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
बस स्टैंड काफी पुराना हो गया है। इस ओर किसी ने भी कोई ध्यान नहीं दिया है। यह जिला मुख्यालय है। चार विधायक भाजपा के हैं, मगर फिर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।-मितैष कुमार
बस स्टैंड की हालत बहुत ही खस्ता हो गई है। दीवारें व छत कभी भी गिर सकती हैं। जिससे कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसे जल्द से जल्द ठीक कराया जाना चाहिए।---जगराम
बस स्टैंड की दीवारों में सील आ गई है। वहीं छत का प्लास्टर भी गिरने लगा है। अब बस स्टैंड आते भी डर लगने लगा है।--अनिल कुमार

बस स्टैंड काफी पुराना होने के कारण इसकी हालत खराब हो गई है। इसकी पूरी बिल्डिंग की सुधार की आवश्यकता है। जल्द सुधार नहीं हुआ तो कोई भी हादसा हो सकता है।
-जीतू कुमार
बस स्टैंड की छत की सुधार के लिए काफी समय से करीब 74 लाख 21 हजार रुपए आए हुए हैं। इन पैसों को डीडी के माध्यम से पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट को जमा करा दिया गया है। इसको जमा कराए करीब एक साल से भी अधिक समय हो गया है। पीडब्ल्यूडी विभाग ही इसका निर्माण कराएगा। हमारी तरफ से कोई देरी नहीं है।--
-सुरेंद्र यादव, जीएम हरियाणा रोडवेज नारनौल

बस स्टैंड की छत के पुनर्निर्माण के लिए हमने डिटेल इस्टीमेट बनाकर हेड ऑफिस भेज दी है। मंजूरी मिलते ही इसका निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। उम्मीद है कि जल्द ही इसको मंजूरी मिल जाएगी।
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-एमएस सांगवान, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, नारनौल
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